राजपाल यादव को उनके अभिनय के लिए जाना जाता है. उनकी कॉमिक टाइमिंग और एक्टिंग को लोग काफी पसंद करते हैं. इन दिनों वो अपनी किसी फिल्म नहीं बल्कि एक विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं. मामला चेक बाउंस का है, जिसकी वजह से एक्टर को जेल के पीछे जाना पड़ा है. बीते दिन ही उन्होंने खुद को पुलिस के हवाले सरेंडर किया है. लेकिन इसके पहले एक्टर ने कहा था कि उनके पास पैसे नहीं हैं. ऐसे में अब सवाल किया जा रहा है कि क्या उनके पास जमीनें नहीं बची हैं, जिसे बेचकर वह बैंक का ब्याज भर सकें? ऐसे में चलिए बताते हैं इस पूरे मामले के बारे में.
दरअसल, राजपाल यादव कोई पहली बार जेल नहीं गए हैं. वो इसके पहले भी जेल की हवा खा चुके हैं. उन्हें साल 2018 में जेल जाना पड़ा था, जिसके बारे में एक्टर ने खुद बताया था और तीन महीने के दौरान का उन्होंने एक्सपीरियंस भी साझा किया था. इस मामले की शुरुआत तब हुई जब उनकी एक फिल्म 'अता पता लापता' फ्लॉप हो गई थी. इसे बनाने के लिए एक्टर ने ना केवल सिर्फ मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये बल्कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बांद्रा ब्रांच से भी 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था.
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जब्त हुईं राजपाल यादव की करोड़ों की संपत्ति
इतना ही नहीं, फिल्म फ्लॉप होने के बाद राजपाल यादव ने ना तो मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के पैसे दे पाए और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की किश्त चुका पाए. मुरली प्रोजेक्ट्स ने कोर्ट में केस दायर किया था. वहीं, बैंक की किश्त ना चुका पाने के अपराध में एक्टर को साल 2018 में जेल जाना पड़ा था. उन्हें 3 महीने के लिए जेल भेज दिया गया था. इसके बाद साल 2024 में बैंक अधिकारियों ने अपना पैसा रिकवर करने के लिए राजपाल के होम टाउन शाहजहांपुर की करोड़ों की संपत्ति को जब्त कर लिया था.
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राजपाल ने बताया था जेल का एक्सपीरियंस
जेल से आने के बाद राजपाल यादव ने अपना जेल का एक्सपीरियंस भी साझा किया था. उन्होंने सिद्धार्थ कनन के इंटरव्यू में बताया था कि उन्होंने जेल में स्पेशल परमिशन ले ली थी और वो सभी कैदियों को इकट्ठा करते थे. कैदियों के साथ एक वर्कशॉप चलाते थे. उन्होंने बताया था कि उनकी इस वर्कशॉप की वजह से जिनकी जिंदगी में करने के लिए कोई इच्छा नहीं थी वो मुस्कुरा रहे थे. जिनकी जिंदगी में कोई दिशा नहीं थी उन्होंने एक्टिंग शुरू कर दी थी. इन तीन महीनों में एक्टर के अच्छे काम को देखते हुए सुपरिटेंडेंट और स्टाफ ने उन्हें दो सर्टिफिकेट दिए थे.