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‘भिखारी’ बन मनोज कुमार ने इंडस्ट्री में रखा था कदम, जानें उनसे जुड़े 5 रोचक किस्से

Manoj Kumar Passed Away: फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार को उनके फैंस 'भारत पुत्र' के नाम से जानते थे। उनके निधन से इंडस्ट्री में शोक के बादल छा गए हैं। आज हम आपको उनसे जुड़े 5 रोचक किस्से बताएंगे।

Manoj Kumar File Photo
Manoj Kumar Passed Away: हिंदी फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता मनोज कुमार ने 87 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। उनके अचानक निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक ही लहर दौड़ गई है। अभिनेता और फिल्म निर्माता मनोज कुमार ने कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में आखिरी सांस ली है। वह पिछले कुछ वक्त से यहां भर्ती थे। आज हम आपको मनोज कुमार की जिंदगी से जुड़े 5 रोचक किस्से बताएंगे, जिनके बारे में शायद आप नहीं जानते हाेंगे।

हरिकिशन गिरि गोस्वामी कैसे बने मनोज कुमार

मनोज कुमार का असली नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी था, जिसके बारे में बहुत कम लोगों को पता होगा। जब वह छोटे थे, तब उन्होंने एक फिल्म में 'मनोज' नाम का किरदार देखा था। इस किरदार से प्रभावित होकर हरिकिशन गिरि गोस्वामी ने अपना नाम बदल लिया था और वह मनोज कुमार बन गए।

'भिखारी' बनकर की फिल्मी करियर की शुरुआत

‘भारत कुमार’ के नाम से मशहूर मनोज कुमार ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1957 में फिल्म 'फैशन से की थी, जिसमें उन्होंने 80 साल के भिखारी का किरदार निभाया था। यह उनका पहला कदम था, जो बाद में उन्हें स्टारडम तक ले गया। उनकी पहली मुख्य भूमिका 1960 में 'कांच की गुड़िया' में मिली।

अमिताभ बच्चन को दिया था मौका

अपने शुरुआती करियर के दौर में जब अमिताभ बच्चन लगातार असफलताओं से घिरे हुए थे। वह हताश होकर मुंबई छोड़ने वाले थे, तब मनोज कुमार ने उन्हें रोका और अपनी फिल्म 'रोटी कपड़ा और मकान' में काम करने मौका दिया। मनोज को यकीन था कि अमिताभ एक दिन बड़े स्टार बनेंगे, और ऐसा ही हुआ।

शाहरुख खान से नाराजगी

साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म 'ओम शांति ओम' में शाहरुख खान ने मनोज कुमार की नकल वाला एक सीन रखा था। जब फिल्म रिलीज हुई तो इस सीन को देखने के बाद मनोज कुमार, शाहरुख से नाराज हो गए थे। हालांकि, बाद में शाहरुख ने अभिनेता से माफी मांगी और यह विवाद खत्म हो गया।  

पुरस्कार और सम्मान

मनोज कुमार को 1992 में पद्म श्री और 2016 में दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्होंने 'बेईमान' (1972) के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और 'रोटी कपड़ा और मकान' (1975) के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर पुरस्कार जीता। मनोज कुमार का जीवन संघर्ष, देशभक्ति और सिनेमा के प्रति समर्पण की मिसाल है। उनकी फिल्में आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। यह भी पढ़ें: अभिनेता मनोज कुमार का निधन, 87 साल की उम्र में ली आखिरी सांस


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