TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

जैकलीन फर्नांडीज को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका, 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में याचिका खारिज

Jacqueline Fernandez Money Laundering Case: दिल्ली हाईकोर्टन ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को बड़ा झटका देते हुए उनकी यााचिका को खारिज कर दिया है। एक्ट्रेस ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और ईडी की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट को रद्द करने की याचिका दायर की थी।

जैकलीन फर्नांडीस credit- instagram/jacquelienefernandez
Jacqueline Fernandez Money Laundering Case: बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट को रद्द करने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। जस्टिस अनीश दयाल ने गुरुवार को इस मामले में फैसला सुनाया, जिसके बाद जैकलीन की कानूनी लड़ाई को तगड़ा झटका लगा है।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला साल 2021 में उस समय सुर्खियों में आया जब तिहाड़ जेल में बंद कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया गया। सुकेश पर आरोप था कि उसने जून 2020 से मई 2021 के बीच रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की ठगी की थी। इस रकम का इस्तेमाल उसने कथित तौर पर कई सेलिब्रिटीज को महंगे तोहफे देने में किया, जिसमें जैकलीन फर्नांडीज का नाम प्रमुखता से सामने आया था। इसके बाद ईडी की जांच में भी खुलासा हुआ कि सुकेश ने जैकलीन को कई महंगे तोहफे दिए थे, जिनमें लग्जरी कार, बेशकीमती बैग, बेहद महंगे ब्रांड के जूते, गहने और चार्टर्ड फ्लाइट्स शामिल थे। इन तोहफों की कीमत करीब 10 करोड़ रुपये बताई गई। ईडी का दावा है कि ये तोहफे अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का हिस्सा थे। इसके आधार पर जैकलीन को इस मामले में आरोपी बनाया गया।

खुद को बताया धोखधड़ी का शिकार

जैकलीन ने अपनी याचिका में दावा किया कि वह सुकेश चंद्रशेखर की 'धोखाधड़ी का शिकार' हैं और उन्हें उसके आपराधिक रिकॉर्ड के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि ईडी के पास उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप 'बेबुनियाद धारणाओं' पर आधारित हैं। जैकलीन ने यह भी तर्क दिया कि दिल्ली पुलिस की जांच में उन्हें 'प्रॉसिक्यूशन गवाह' के रूप में पेश किया गया था, जिसके आधार पर उन्हें इस मामले में राहत मिलनी चाहिए। हालांकि, ईडी के वकील ने उनकी याचिका का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने बताया कि विशेष अदालत ने पहले ही अभियोजन शिकायत (चार्जशीट) का संज्ञान लिया है और प्रथम दृष्टया इस मामले में आधार पाया है। ईडी ने यह भी कहा कि संज्ञान लेने के आदेश को जैकलीन ने चुनौती नहीं दी, जिसके चलते उनकी याचिका खारिज की जानी चाहिए।

सुकेश ने जेल से दिया घोटाले को अंजाम

सुकेश चंद्रशेखर पर आरोप है कि उसने तिहाड़ जेल से ही एक बड़े घोटाले को अंजाम दिया। उसने कथित तौर पर हवाला रास्तों और मुखौटा कंपनियों का इस्तेमाल कर अपराध से कमाई गई रकम को छिपाने की कोशिश की। दिल्ली पुलिस ने सुकेश और उसकी पत्नी लीना पॉलोज सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और इस मामले में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून (मकोका) की धाराएं भी लगाईं। ईडी ने अब तक इस मामले में 7.1 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है और आगे और संपत्तियां जब्त करने की संभावना जताई है।

ईडी ने कई बार की है एक्ट्रेस से पूछताछ

जैकलीन को इस मामले में कई बार ईडी के सामने पूछताछ के लिए बुलाया गया है। 2022 में उन्हें दिल्ली की एक निचली अदालत ने 2 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी थी। उस समय कोर्ट ने कहा था कि जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, इसलिए उनकी हिरासत की जरूरत नहीं है। हालांकि, ईडी ने उनकी जमानत का विरोध करते हुए दावा किया था कि जैकलीन को सुकेश के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी थी और उन्होंने जानबूझकर अपराध से अर्जित धन का लाभ उठाया। इसके बाद जैकलीन ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस मामले में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और दूसरी सप्लीमेंट्री चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी। उनकी याचिका में कहा गया था कि वह सुकेश की 'धोखाधड़ी का शिकार' हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलों को खारिज करते हुए ईडी के तर्कों को अधिक महत्व दिया। ये भी पढ़ें- प्रधानमंत्री मोदी ने घाना को दिए 3 अनमोल गिफ्ट्स, जानें क्या है इनकी खासियत?


Topics: