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क्या दीपक को मिल पाएगी उसकी खोई हुई दुल्हन और सुषमा को उसका पति? जानने के लिए देखें Laapataa Ladies

Navin Singh Bhardwaj, Laapataa Ladies: फिल्म 'लापता लेडीज' में एक दुल्हन अपने पति से बिछड़ जाती है, तो दूसरी का पति भी उससे दूर होता है, लेकिन क्या दीपक को उसकी पत्नी और सुषमा को उसका पति मिल पाएगा? जानने के लिए आप 'लापता लेडीज' देख सकते हैं...

Laapataa Ladies
नवीन स‍िंंह भारद्वाज   Laapataa Ladies Movie Review: बॉलीवुड की फिल्मों नें हर तरह की चीजें दिखाई जाती है। फिर चाहे वो रोमांस हो या फिर एक्शन, क्राइम हो या फिर कॉमेडी। हिंदी फिल्मों में आपको हर तरह का जॉनर देखने को मिल जाएगा। अब किरण राव एक पति-पत्नी की ऐसी ही लव स्टोरी लेकर आईं हैं, अपनी फिल्म 'लापता लेडीज' के साथ... जी हां, किरण राव की मोस्ट अवेटेड फिल्म 'लापता लेडीज' 1 मार्च को रिलीज हो गई है। आइए आपको बताते हैं फिल्म का रिव्यू...

कहानी

फिल्म 'लापता लेडीज' की कहानी शुरू होती है, बिहार के एक छोटे से गांव से, जहां से दीपक (स्पर्श श्रीवास्तव) अपनी नई नवेली दुल्हन फूल (नीतांशी गोयल) संग ट्रेन में ट्रैवल कर रहे हैं। दीपक ट्रेन के जिस कम्पार्टमेंट में सफर कर रहे हैं उसमें कई और भी न्यूली वेडिंग कपल्स होते हैं। गांव के रिवाजों के अनुसार, ट्रेन के कम्पार्टमेंट में मौजूद सभी दुल्हनों के चेहरों पर घूंघट होता है। ट्रेन में बैठे-बैठे दीपक और फूल सो जाते हैं और जैसे ही स्टेशन आता है तो दोनों आनन-फानन में ट्रेन से उतरते हैं।

किसी की खोई दुल्हन तो कोई बिछड़ा अपने पति से

घर आने के बाद जब दीपक और उसकी फैमिली दुल्हन के चेहरे से पल्लू हटाते हैं, तो उन्हें पता लगता है कि वो किसी और की दुल्हन सुषमा रानी /जया ( प्रतिभा रांटा) को लेकर आया है। अब दीपक अपनी पत्नी को तलाश करने निकल जाता है और दीपक की दुल्हन स्टेशन पर ही रहकर अपने पति का इंतजार करती हैं। अब सवाल ये है कि क्या दीपक अपनी पत्नी को ढूंढ लेगा और क्या सुषमा जो किसी गैर मर्द के घर में रह रही है, उसका पति उसे अपना पाएगा। अब ये जानने के लिए तो भई आपको पास वाले थिएटर तक जाने का कष्ट उठाना पड़ेगा।

डायरेक्शन और राइटिंग

किरण राव, जिन्होंने साल 2011 में धोबी घाट के बाद लापता लेडीज के डायरेक्शन की कमान संभाली है। इस फिल्म को देखकर आप ये कह सकते हैं कि ये इसके हर फ्रेम एकदम परफेक्ट है और किरण ने तो कमाल ही कर दिया है। इस फिल्म की कहानी में सबसे ज्यादा मोड़ तब आता है जब कहानी धीरे-धीरे मोड़ लेती है। किरण राव ने फिल्म की कहानी को बेहद शानदार तरीके से फिल्माया है और स्क्रीनप्ले और डॉयलॉग्स में बिप्लाब ने तो कमाल ही कर दिया है।स्नेहा देसाई और दिव्यनिधि शर्मा के कई डॉयलॉग्स ऐसे हैं, जो दिल छू रहे हैं।

एक्टिंग

किरण राव ने नए कलाकारों के साथ थोड़ा रिस्क तो लिया, लेकिन ये सक्सेसफुल रहा। तीन कलाकारों की एक्टिंग कमाल की है और तीनों अपने किरदार में ढले हुए हैं। ये कहना गलत नहीं होगा कि इन तीनों कलाकरों ने फिल्म में कमाल किया है। इसके अलावा किरण राव ने फिल्म में दो मजबूत ऐक्टर्स को भी ऑनबोर्ड लिया है।

क्यों देखें?

किरण राव और आमिर खान बेहतरीन स्क्रीनप्ले-डॉयलॉग्स और एक बेहद ही नई कहानी और किरदारों के साथ दिल को छू जाने वाली फिल्म लेकर आए हैं। इस फिल्म से ना सिर्फ मनोरंजन बल्कि कई मैसेज भी मिलते हैं। एक नई कहानी, नए कलाकार, बेहतरीन एक्टिंग और शानदार डायलॉग्स के लिए फिल्म को देखना चाहिए। फिल्म 'लापता लेडीज' 4 स्टार।


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