बेंगलुरु में एक सप्ताह पहले सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध मौत ने सभी को चौंका दिया था. अब जांच में खुलासा हुआ है कि यह हादसा नहीं बल्कि एक खौफनाक हत्या थी. बेंगलुरु के राममूर्ति नगर इलाके में रहने वाली 34 साल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला डीके 3 जनवरी को अपने किराए के घर में मृत पाई गई थीं. शुरुआत में माना गया कि उनके अपार्टमेंट में आग लगने के बाद दम घुटने से उनकी मौत हुई है. पुलिस ने इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194(3)(iv) के तहत अप्राकृतिक मौत की रिपोर्ट दर्ज की थी. हालांकि फोरेंसिक जांच और तकनीकी सबूतों के आधार पर पुलिस को शक हुआ कि मामला कुछ और है. गहराई से जांच करने पर सामने आया कि महिला की मौत एक सोची समझी साजिश के तहत की गई हत्या थी.
पुलिस जांच में सामने आई आरोपी की पहचान
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी की पहचान कर्नल कुरई के रूप में की जो पीडिता के घर के पास ही रहता था. पुलिस ने जब उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने कथित तौर पर अपना जुर्म कबूल कर लिया. आरोपी ने बताया कि वह 3 जनवरी की रात करीब 9 बजे स्लाइडिंग खिडकी के रास्ते महिला के घर में घुसा था. उसका इरादा महिला से जबरन शारीरिक संबंध बनाने का था. जब शर्मिला ने इसका विरोध किया और शोर मचाने की कोशिश की तो आरोपी ने उनका मुंह और नाक दबा दी. कुछ ही देर में महिला बेहोश हो गई और उसकी सांसें थम गईं. इस संघर्ष में महिला को गंभीर चोटें भी आईं.
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सबूत मिटाने की कोशिश और मोबाइल चोरी
पुलिस के अनुसार हत्या के बाद आरोपी घबरा गया और सबूत मिटाने की कोशिश करने लगा. उसने पीड़िता के कपड़े और कुछ अन्य सामान बेडरूम के गद्दे पर रखकर आग लगा दी. आग लगाकर उसने इसे हादसे का रूप देने की कोशिश की. इसके बाद आरोपी वहां से भाग गया और जाते समय महिला का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया. पुलिस को जांच में यह भी पता चला कि आग जानबूझकर लगाई गई थी ताकि हत्या का सच छुपाया जा सके.
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किन धाराओं में दर्ज हुआ मामला?
आरोपी के कबूलनामे और जुटाए गए सबूतों के आधार पर पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या, 64(2), 66 और 238 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस का कहना है कि यह एक बेहद गंभीर अपराध है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है और पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.