Union Budget 2026: बजट भाषण में वित्त मंत्री ने एक अहम घोषणा करते हुए बताया कि देश में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे. इसका मुख्य उद्देश्य भारत को रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) के मामले में आत्मनिर्भर बनाना और इस सेक्टर में चीन पर बनी भारी निर्भरता को कम करना है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2025-26 के दौरान इस दिशा में कई ठोस और बड़े कदम पहले ही उठाए जा चुके हैं, ताकि देश की मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, रिन्यूएबल एनर्जी और रक्षा क्षेत्र की जरूरतों को सुरक्षित किया जा सके.
4 राज्यों में बनेंगे कॉरिडोर
वित्त मंत्री के अनुसार, रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए अलग-अलग कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे, जिससे इनके खनन, प्रोसेसिंग और सप्लाई चेन को तेज, मजबूत और भरोसेमंद बनाया जा सके. ये कॉरिडोर देश के चार राज्यों में विकसित किए जाएंगे, जिससे इस रणनीतिक सेक्टर को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.
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खनिज गलियारों से इन राज्यों को मिलेगा फायदा
बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों के लिए विशेष घोषणाएं की गई हैं. इन राज्यों में क्रिटिकल मिनरल्स के लिए सुविधाएं और गलियारे स्थापित किए जाएंगे. इसके अलावा, तमिलनाडु में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने में सरकार पूर्ण सहयोग देगी. सरकार का लक्ष्य छह प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देना है, जिनमें मैन्युफैक्चरिंग, रणनीतिक और फ्रंटियर सेक्टर, स्वास्थ्य सेवा और उन्नत तकनीक शामिल हैं. इन पहलों के माध्यम से सरकार बुनियादी ढांचे को और अधिक आधुनिक और मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है.
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सरकार का मुख्य ध्यान अब रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE) में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर है, क्योंकि वर्तमान में भारत अपनी आवश्यकताओं का लगभग 90% हिस्सा चीन से आयात करता है.
2025-26 में भारत सरकार ने REE सेक्टर को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं. जनवरी 2025 में National Critical Mineral Mission की शुरुआत की गई, जिसके लिए कुल 16,300 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया. इस मिशन के अंतर्गत लगभग 1,200 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट, प्रोसेसिंग यूनिट्स और रेयर अर्थ मिनरल्स की सुरक्षा व प्रबंधन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं.
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