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Union Budget 2025: दोनों टैक्स रिजीम को मर्ज करे सरकार, जानें किसने दी यह सलाह

Unified Tax System India: पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग का मानना है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को दो मौजूदा टैक्स सिस्टम को एक यूनिफाइड सिस्टम में मर्ज करने पर विचार करना चाहिए।

Union Budget 2025: 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से जनता इनकम टैक्स में छूट की आस लगाए बैठी है। माना भी जा रहा है कि वित्त मंत्री इनकम टैक्स पर कुछ राहत दे सकती हैं, ताकि लोगों के हाथों में कुछ ज्यादा पैसे बचें। इस बीच, न्यूज24 के साथ एक विशेष साक्षात्कार में पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि वित्त मंत्री को दो मौजूदा टैक्स सिस्टम को एक यूनिफाइड सिस्टम में मर्ज करने पर विचार करना चाहिए।

इससे दूर होगा भ्रम

सुभाष चंद्र गर्ग ने कहा कि वित्त मंत्री को दो मौजूदा कर प्रणालियों को मिलाकर एक एकीकृत प्रणाली बनाने पर विचार करना चाहिए। दो टैक्स स्लैब होने से अनावश्यक जटिलता पैदा होती है और भ्रम की स्थिति निर्मित होती है। ओल्ड टैक्स रिजीम एग्जेंप्शन के कारण आकर्षक बनी हुई है। यह महत्वपूर्ण बचत प्रदान करती है, जैसे कि आवास ऋण ब्याज पर कटौती, जो विशेष रूप से बड़े लोन के लिए काफी हो सकती है। इसलिए, लाभकारी छूट को कायम रखते हुए दोनों कर योजनाओं को एकीकृत और सरलीकृत प्रणाली बनाने के लिए विलय किया जाना चाहिए।

रिकॉर्ड बनाएंगी सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को संसद में केंद्रीय बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही वह लगातार 8वीं बार केंद्रीय बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जाएंगी। बता दें कि देश का बजट ऐसे समय आ रहा है जब आर्थिक गति धीमी है, रुपया कमजोर हो रहा है और वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताएं बरकरार हैं। इसके परिणामस्वरूप, वित्त मंत्री से बुनियादी ढांचे, कृषि, MSME और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कई घोषणा करने की उम्मीद है। साथ ही वह पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) वृद्धि और उपभोग में बढ़ावा देने वाले कुछ ऐलान भी कर सकती हैं, ताकि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। यह भी पढ़ें - Union Budget 2025: इनकम टैक्स पर राहत देना सरकार के लिए क्यों है मुश्किल?

इन पर रहेगा जोर

एक्सपर्ट्स का कहना है कि बजट में इनकम टैक्स में छूट के साथ ही रेलवे, इन्फ्रास्ट्रक्चर और कृषि जैसे क्षेत्रों के लिए खास प्रावधान की संभावना है। माना जा रहा है कि बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है। फिलहाल इसकी लिमिट 3 लाख रुपये है जिसे बढ़ाकर 5 लाख किया जा सकता है। इसके अलावा भी किसानों की आय बढ़ाने वाले कुछ फैसले हो सकते हैं।


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