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Gold-Silver Price: 24 घंटे में 85000 रुपये गिरा चांदी का भाव, सोना ने भी दिया निवेशकों को झटका

गुरुवार को वायदा बाजार में चांदी पहली बार चार लाख का आंकड़ा पार कर 4.20 लाख तक उछली थी, वहीं सोना भी 16,000 रुपये के उछाल पर नया रिकॉर्ड बना चुका था.

सोना-चांदी की कीमतों का बुलबुला उस समय फूट पड़ा जब, बीते 24 घंटें में इन कीमती धातुओं के भाव में अचानक गिरावट दर्ज की गई. गोल्ड और सिल्वर अपने ऑल टाइम प्राइस से काफी नीचे गिर गए, जिससे निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है. वहीं, शादियों के सीजन में सोना-चांदी खरीदने का प्लान बना रहे लोगों के लिए ये राहत की खबर है. चांदी ने 24 घंटे में 85000 रुपये प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की. गुरुवार को 4.20 लाख प्रति किलोग्राम की कीमत छूने के बाद एमसीएक्स पर मार्च वायदा चांदी दोपहर 3.30 बजे 3.35 लाख रुपये तक लुढ़क गई.

वहीं, सोने की कीमत भी शुक्रवार का काफी गिर गई. 193,096 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंचने के बाद गोल्ड सीधा 25500 रुपये नीचे आकर 1,67,406 पर पहुंच गया. इस अचानक क्रैश ने निवेशकों को हिलाकर रख दिया, जबकि ज्वेलर्स और छोटे खरीदारों को राहत की सांस मिली.

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क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?


गुरुवार को वायदा बाजार में चांदी पहली बार चार लाख का आंकड़ा पार कर 4.20 लाख तक उछली थी, वहीं सोना भी 16,000 रुपये के उछाल पर नया रिकॉर्ड बना चुका था. लेकिन शुक्रवार को मुनाफावसूली की भारी बिकवाली ने बाजार की सारी चमक छीन ली. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि लगातार तेजी के बाद निवेशकों ने शिखर पर मुनाफा कटौती शुरू कर दी, जिससे दबाव बढ़ा.

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इस वजह से भी गिरी चांदी


शॉर्ट सेलर्स ने चांदी में खास तौर पर सक्रियता दिखाई, जिसने गिरावट को और गहरा दिया. वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव में कमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के संकेतों ने भी सुरक्षित निवेश की मांग घटा दी. ईटीएफ निवेशकों को भी इस झटके से बचाव न मिला. शेयर बाजार बंद होते तक आईसीआईसीआई सिल्वर ईटीएफ में 20 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निप्पॉन इंडिया और टाटा सिल्वर ईटीएफ में भी दोहरे अंकों का नुकसान हुआ.गोल्ड ईटीएफ भी 10-15 प्रतिशत तक फिसले.

दिल्ली, मुंबई और अन्य सर्राफा केंद्रों पर खुदरा भावों में भी आई गिरावट ने खरीदारी का मौका दिया, लेकिन उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है. विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी राजनीति और वैश्विक आर्थिक संकेतक बाजार को प्रभावित करते रहेंगे. निवेश सलाहकारों ने चेतावनी दी है कि यह गिरावट खरीदारी का सुनहरा अवसर हो सकती है, लेकिन जल्दबाजी से बचें. लंबी अवधि के निवेशक सस्ते दामों पर सोना-चांदी जमा कर सकते हैं, जबकि अल्पकालिक ट्रेडर्स को सतर्क रहने की नसीहत दी गई.


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