नई दिल्ली: लगातार बढ़ती महंगाई (Inflation) पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक (RBI) ने एक बार फिर से रेपो रेट को बढ़ा (RBI Repo Rate Hike) दिया है। आरबीआई अब रेपो रेट 50 आधार अंकों की बढ़ोतरी की है।
इस बढ़ोतरी के बाद रेपो रेट बढ़कर 5.40 फीसद हो गया है। रेपो रेट में RBI द्वारा की गई यह लगतार तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले आरबीआई ने मई में रेपो रेट में 40-बेसिस पॉइंट्स और जून में 50 आधार अंकों की वृद्धि की थी।
औरपढ़िए –पेट्रोल-डीजल के दाम में राहत मिली या बढ़ गए दाम, जानें आज के भाव
आरबीआई के इस ऐलान का अर्थ यह है कि आपकी ईएमआई इसके चलते काफी बढ़ने वाली है। इसका असर होम लोन (Home Loan), कार लोन (Car Loan) और पर्सनल होन (Personal Loan) की EMI महंगे होने के रूप में देखने को मिलेगा।
रेपो रेट में बढ़ोतरी का ऐलान करते हुए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि इस समय ग्लोबलाइजेशन और ग्लोबल इकोनॉमी के ऊपर दबाव साफ देखा जा रहा है। उभरते बाजारों पर भी वैश्विक अर्थव्यवस्था के बदलते परिदृश्य का असर देखा जा रहा है।
शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था भी ग्लोबल इकोनॉमी की बदलती परिस्थितियों से अछूती नहीं है और देश में महंगाई को लेकर चिंताएं बरकरार हैं। देश का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट के आंकड़ों में बदलाव का असर करेंट अकाउंट डेफिसिट की तय लिमिट के अंदर रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था के तेजी से बढ़ने का अनुमान आईएमएफ से लेकर कई संस्थाओं ने दिया है और ये सबसे तेज रफ्तार से आगे बढ़ेगी।
औरपढ़िए – सोना ग्राहकों की खुली किस्मत! खरीदारी से पहले जानें 14 से 24 कैरेट का ताजा भाव
क्या है रेपो रेट और रिवर्स रेपो रेट ?
- रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI द्वारा बैंकों को कर्ज दिया जाता है और बैंक इसी कर्ज से ग्राहकों को लोन देते हैं। रेपो रेट बढ़ने का मतलब है कि बैंक से मिलने वाले कई तरह के लोन महंगे हो जाएंगे।
- रिवर्स रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंकों की ओर से जमा राशि पर RBI से उन्हें ब्याज मिलता है।
औरपढ़िए - बिजनेससेजुड़ीखबरेंयहाँपढ़ेंClick Here -News 24 APP अभीdownload करें