अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपना एक मीम कॉइन लॉन्च किया था। बाजार में आते ही $TRUMP मीम कॉइन की कीमत रॉकेट बन गई थी। हालांकि, बाद में उसमें गिरावट देखने को मिली और अब तक यह काफी कमजोर हो गया है। 21 मार्च को कॉइन 5% से अधिक गिरकर 10.58 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि 19 जनवरी 2025 को इसकी कीमत 75.35 डॉलर थी।
इस वजह से होगा नुकसान
प्रमुख अर्थशास्त्री और बिटकॉइन आलोचक पीटर शिफ (Peter Schiff) का कहना है कि क्रिप्टो में निवेश करने वाले इस बार पहले से ज्यादा नुकसान उठाएंगे। उन्होंने इसके लिए डिजिटल एसेट स्पेस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बढ़ते प्रभाव को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने स्ट्रेटेजिक बिटकॉइन रिजर्व की आलोचना करते हुए कहा कि क्रिप्टो का इस्तेमाल रिटेल निवेशकों को इस तरह के जोखिम वाले बाजार में पैसा लगाने के लिए किया जा रहा है।
बिटकॉइन पर दी चेतावनी
पीटर शिफ ने $TRUMP मीम कॉइन में आई बड़ी गिरावट का उदाहरण देते हुए कहा कि क्रिप्टो निवेशक इसी तरह के खतरे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की बदौलत अमेरिकी इस बार क्रिप्टो में सबसे ज्यादा नुकसान झेलेंगे। इससे पहले उन्होंने बिटकॉइन को लेकर चेतावनी जारी की थी। शिफ ने कहा था कि अगर प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स नैस्डैक मंदी के दौर में प्रवेश करता है, तो दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का प्रदर्शन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। बिटकॉइन की कीमतों को अक्सर अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों और नैस्डैक की गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है। पीटर शिफ के अनुसार, ऐसे में यदि नैस्डैक में मंदी आती है, तो बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट संभव है।
इतनी गिरावट की आशंका
अर्थशास्त्री शिफ ने कहा कि नैस्डैक पिछले एक महीने में करीब 13.41% नीचे आ गया है। लिहाजा अगर करेक्शन का यह दौर आगे भी जारी रहता है, तो बिटकॉइन की कीमतें गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नैस्डैक 20% नीचे आता है, तो बिटकॉइन का भाव लगभग 65 हजार डॉलर पहुंच जाएगा। जबकि प्रमुख सूचकांक में 40% की गिरावट बिटकॉइन को 20,000 डॉलर या उससे नीचे ले जा सकती है।
सोने में आ सकता है उछाल
पीटर शिफ का यह भी कहना है कि शेयर बाजार में गिरावट से सोने की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है, जो पहले से ही तेजी से भाग रहा है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण जहां शेयर बाजार में नरमी आई है। वहीं, सोने की कीमत तेजी से चढ़ी है। अंतर्राष्ट्रीय उथल-पुथल के परिणामस्वरूप गोल्ड में निवेश बढ़ रहा है और दाम चढ़ रहे हैं।
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