देश के सबसे बड़े प्राइवेट पोर्ट अडानी ग्रुप के मुंद्रा पोर्ट ने 200 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभालने वाला पहला इंडियन पोर्ट बनने की अचीवमेंट हासिल की है। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने मार्च 2025 में अपना अब तक का सबसे ज्यादा कार्गो हैंडलिंग रिकॉर्ड किया, जिसमें 41.5 MMT का प्रसंस्करण किया गया और 9% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। यह उछाल मुख्य रूप से कंटेनर कार्गो में 19% की वृद्धि और तरल और गैसीय शिपमेंट में 5% की वृद्धि के कारण हुआ।
वहीं मुंद्रा पोर्ट ने कार्गो हैंडलिंग का जो रिकॉर्ड बनाया है, वह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि भारत के बढ़ते व्यापारिक प्रभाव का प्रतीक है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मुंद्रा पोर्ट ने 200.7 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो हैंडल किया, जिससे यह 200 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो पार करने वाला भारत का पहला पोर्ट बन गया है। यह उपलब्धि देश की लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रमाण है।
इसके अलावा, विझिंजम पोर्ट ने 1 लाख TEU का आंकड़ा पार करके एक मील का पत्थर स्थापित किया है। पूरे वित्त वर्ष 2025 में, APSEZ ने 450.2 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभाला, जिसमें कंटेनर (+20%) और लिक्विड-गैस (+9%) प्रमुख योगदानकर्ता रहे। लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 0.64 मिलियन TEU (+8%) और GP-W-IS वॉल्यूम 21.97 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) (+9%) तक पहुंच गया।
भारत में समुद्री व्यापार का भविष्य
भारत के समुद्री व्यापार के इतिहास में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। कभी सीमित संसाधनों के साथ शुरुआत करने वाला भारत देश आज अपनी बंदरगाहों के जरिए वैश्विक व्यापार का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। कार्गो हैंडलिंग, जो कभी सिर्फ एक साधारण प्रक्रिया मानी जाती थी, अब आर्थिक विकास की धुरी बन गई है। आधुनिक मशीनरी, स्मार्ट पोर्ट्स और ऑटोमेटेड लॉजिस्टिक्स ने भारत के बंदरगाहों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया है।
आज भारत न केवल अपनी लॉजिस्टिक्स और बंदरगाह संरचना को मॉडर्न बना रहा है, बल्कि दुनिया के बड़े व्यापारिक केंद्रों की सूची में अपनी जगह मजबूत कर रहा है। कार्गो हैंडलिंग अब सिर्फ एक प्रक्रिया नहीं, बल्कि आर्थिक विकास का इंजन बन चुकी है। आधुनिक तकनीक और सुव्यवस्थित लॉजिस्टिक्स के साथ भारत अपने समुद्री व्यापार को नए मुकाम तक ले जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।