अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वॉर से आईफोन यूजर डरे हुए हैं। दरअसल, माना जा रहा है कि यूएस प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन पर 54% टैरिफ लगाने से आईफोन की कीमतों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी हो सकती है। क्योंकि आईफोन बनाने वाली कंपनी एप्पल के लिए चीन मुख्य मैन्युफैक्चरिंग केंद्र है। वहीं, ट्रंप ने भारत पर भी 26% टैरिफ लगाया है, जो तेजी से Apple का दूसरा सबसे बड़ा प्रोडक्शन केंद्र बन रहा है। हालांकि, इस बीच एक ऐसी खबर आई है, जो आईफोन यूजर्स के डर को कुछ कम कर सकती है।
Apple ने दिखाई समझदारी
आईफोन मेकर एप्पल ने समझदारी दिखाते हुए पहले ही भारत और चीन की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से iPhone का पर्याप्त स्टॉक अमेरिका पहुंचा दिया है। ET की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नया टैरिफ लगाए जाने के बावजूद फिलहाल कंपनी की भारत या अन्य जगहों पर अपने उत्पादों, जिसमें फ्लैगशिप आईफोन भी शामिल है, की रिटेल प्राइस बढ़ाने की कोई योजना नहीं है।
अभी पर्याप्त है स्टॉक
रिपोर्ट के अनुसार, Apple ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पहले ही भारत और चीन स्थित अपने कारखानों से बड़ी संख्या में प्रोडक्ट्स को अमेरिका भेज दिया है, ताकि उसके पास पर्याप्त स्टॉक रहे। इस तरह Apple नई टैरिफ व्यवस्था में खुद को आगे रहने में कामयाब रही है। एक सूत्र ने बताया कि टैरिफ लागू होने की आशंका से पहले ही एप्पल ने भारत और चीन सहित अपने सभी कारखानों से बड़ी संख्या में उत्पाद तैयार करवाकर अमेरिका भिजवा दिए, ताकि टैरिफ से लागत बढ़ने के प्रभाव को कुछ समय के लिए टाला जा सके।
कुछ महीनों की ही राहत?
एप्पल फिलहाल अपने उत्पाद महंगे नहीं करने जा रही, लेकिन अगले कुछ महीनों बाद जरूर दाम बढ़ सकते हैं। नई टैरिफ व्यवस्था अमल में आने के बाद कंपनी की लागत बढ़ेगी और जाहिर है वह अकेले इसका बोझ नहीं उठाएगी। जानकारों का कहना है कि बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए कंपनी को केवल अमेरिका ही नहीं, बल्कि बाकी देशों में भी iPhone सहित अपने उत्पादों की कीमत बढ़ानी होगी। माना जा रहा है कि यदि कंपनी अतिरिक्त लागत यूजर्स पर डालती है, तो एक हाई-एंड iPhone की कीमत करीब 2,300 डॉलर तक पहुंच सकती है।
भारत को ऐसे मिलेगा फायदा
एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर से एप्पल उत्पाद भले ही महंगे हो सकते हैं, लेकिन भारत को इससे फायदा मिल सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 54% और भारत पर 26% टैरिफ लगाया है। जबकि वियतनाम के मामले में यह 46% है। ऐसे में एप्पल अपना फोकस भारत पर बढ़ा सकती है, क्योंकि वहां उसकी लागत अपेक्षाकृत चीन और वियतनाम के मुकाबले कम आएगी। यह अमेरिकी कंपनी पहले से ही भारत में प्रोडक्शन बढ़ाने की योजनाओं पर काम कर रही है और टैरिफ से इसमें तेजी आ सकती है।
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