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Gold Price Today: सोने की कीमत कम हुई या फिर बढ़ गए दाम? चेक करें लेटेस्ट प्राइस

Gold price forecast 2025: सोना लगातार महंगा होता जा रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के चलते सोने में निवेश बढ़ रहा है, जिससे आगे भी इसकी कीमतों में तेजी बनी रह सकती है।

Gold Price News: सोने की कीमतों में तेजी जारी है। आज भी सोना उछाल के साथ कारोबार कर रहा है। सोने की कीमतों में लगातार आ रही तेजी की वजह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मची उथल-पुथल है। डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद से उनकी टैरिफ नीतियों को लेकर चिंता बनी हुई है। इस चिंता के चलते सोने में निवेश बढ़ रहा है और उसके दाम चढ़ रहे हैं.

कहां, कितने हैं दाम?

आज यानी 10 फरवरी को भी सोने की कीमतों में तेजी है। गुड रिटर्न्स के मुताबिक,  राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट वाले 10 ग्राम सोने की कीमत 390 रुपये उछलकर  87,210 रुपये पहुंच गई है। मुंबई में 87,060, लखनऊ में 87,210, बेंगलुरु में 87,060, चेन्नई में 87,060, कोलकाता में 87,060, हैदराबाद में 87,060, अहमदाबाद में 87,110 और पुणे में सोना 87,060 रुपये के भाव पर मिल रहा है।

अलग-अलग कीमत क्यों?

सोने की कीमतें हर शहर में अलग क्यों होती हैं, सभी शहरों में दाम एक जैसा क्यों नहीं होता है? दरअसल, सोने की कीमत कई बातों पर निर्भर करती है और इसमें टैक्स सबसे प्रमुख है। राज्य सरकारों की ओर से सोने पर स्थानीय टैक्स लगाया जाता है, जो हर राज्य और शहर में अलग होता है, जिससे इसकी कीमतों में अंतर आ जाता है।

कैसे प्रभावित होती हैं कीमतें?

देश में सोने की कीमतें केवल मांग और आपूर्ति से ही प्रभावित नहीं होतीं, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली गतिविधियों का भी इन पर असर पड़ता है। लंदन ओटीसी स्पॉट मार्केट और कॉमेक्स गोल्ड फ्यूचर्स मार्केट सहित प्रमुख वैश्विक बाजारों में होने वाली व्यापारिक गतिविधियों से भी सोने की कीमतें काफी हद तक प्रभावित होती हैं।

कौन तय करता है कीमत?

दुनियाभर में लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन (LBMA) द्वारा Gold की कीमत तय की जाती है। वो US डॉलर में सोने की कीमत प्रकाशित करता है, जो बैंकरों और बुलियन व्यापारियों के लिए वैश्विक बेंचमार्क के रूप में कार्य करती है। वहीं, अपने देश में, इंडियन बुलियन ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) सोने की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आयात शुल्क और अन्य टैक्स को जोड़कर यह निर्धारित करता है कि रिटेल विक्रेताओं को सोना किस दर पर दिया जाएगा।

ETF में निवेश बढ़ा

एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक बड़ी रैली के बाद सोने की कीमतों में जो गिरावट आनी थी, वह आ चुकी है। अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप शासन शुरू होने से जियो पॉलिटिकल टेंशन बढ़ रही है, जिससे गोल्ड को सपोर्ट मिल रहा है। इसके अलावा, गोल्ड ETF में बढ़ रहे निवेश से सोने की मांग बढ़ रही है। ऐसे में इस साल सोना 90 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।


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