Gold Prices: सोना सिर्फ गहनों के लिए नहीं, बल्कि यह निवेश का भी अच्छा जरिया माना जाता है। जब भी बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, लोग सोने में पैसा लगाना ज्यादा पसंद करते हैं। हाल ही में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जिससे हर कोई यही सोच रहा है क्या सोना 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है? महंगाई, डॉलर का उतार-चढ़ाव और दुनियाभर की आर्थिक नीतियां सोने की कीमतों को ऊपर ले जा रही हैं। अगर आप भी सोने के दाम पर नजर रख रहे हैं तो आइए जानते हैं आगे क्या हो सकता है।
सोने की कीमतों में ऐतिहासिक उछाल
आज 18 मार्च को घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई। MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 88,499 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। वहीं वैश्विक बाजार में सोने की कीमत 3,012.05 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर रही। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका की आर्थिक नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता मानी जा रही है, खासतौर पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों के कारण। इससे निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर भाग रहे हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ रही है। अब सभी की नजर अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की 19 मार्च को होने वाली बैठक पर है। इस बैठक में ब्याज दरों पर फैसला लिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं होगा, जिससे सोने की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
क्या सोना 1 लाख रुपये तक पहुंच सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले 2 से 3 सालों में सोने की कीमत 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। मोतीलाल ओसवाल के एक विश्लेषक के मुताबिक, पिछले 5 से 10 सालों में सोने की कीमतों में सालाना करीब 10% की बढ़ोतरी हुई है। अगर यही रफ्तार जारी रही तो सोने का दाम 1 लाख रुपये के पार जा सकता है। वेंचुरा कमोडिटी डेस्क के प्रमुख एनएस रामास्वामी का कहना है कि भारत में सोने की कीमत 1 लाख रुपये तक तभी पहुंचेगी जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका भाव 3,300 डॉलर प्रति औंस से ज्यादा हो और डॉलर-रुपये की एक्सचेंज रेट 88-89 के स्तर पर पहुंच जाए। हालांकि 2025 तक यह लक्ष्य हासिल करना थोड़ा मुश्किल लगता है।
विशेषज्ञों की राय और भविष्य की संभावनाएं
मेहता इक्विटीज के वाइस प्रेसिडेंट राहुल कलंत्री का कहना है कि अगले 1 से 2 साल में सोने की कीमत 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है। वहीं भारत के पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के मुताबिक, सोने को इस स्तर तक पहुंचने में करीब 6 महीने से 1 साल लग सकता है। इसके अलावा वैश्विक बाजारों में आर्थिक अनिश्चितता, ब्याज दरों में संभावित कटौती और डॉलर की मजबूती जैसी चीजें भी सोने की कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। अगर निवेशकों की रुचि सोने में बनी रही, तो यह आने वाले समय में एक नया रिकॉर्ड बना सकता है।