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सोना, शेयर बाजार और अब बिटकॉइन, ट्रंप टैरिफ से सब परेशान, डिजिटल करेंसी के लिए क्या है अनुमान?

इस साल की शुरुआत में बिटकॉइन की कीमत एक लाख डॉलर के आंकड़े को पार कर गई थी। माना जा रहा था कि क्रिप्टो समर्थक अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यकाल में यह क्रिप्टो करेंसी और भी तेज भागेगी, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। एक लाख के स्तर से फिसलने के बाद बिटकॉइन लगातार दबाव में दिखाई दे रहा है।

bitcoin
डोनाल्ड ट्रंप की जवाबी टैरिफ से सोना और शेयर बाजार के साथ-साथ बिटकॉइन में भी गिरावट देखने को मिली है। आज यानी 4 अप्रैल को एक बिटकॉइन के दाम 82,952.59 डॉलर पहुंच गए हैं। इस दौरान, यह डिजिटल करेंसी 0.24% नीचे आई है। माना जा रहा है कि बिटकॉइन के दाम अभी कुछ और गिर सकते हैं।

मंदी का खतरा बढ़ा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब 2 अप्रैल को दुनिया भर में जवाबी टैरिफ का ऐलान किया, तो S&P 500 इंडेक्स 0.7% चढ़कर बंद हुआ, जबकि बिटकॉइन एक ही दिन में इससे ज्यादा गिर गया। इससे पता चलता है कि पारंपरिक बाजारों की तुलना में बिटकॉइन आर्थिक नीति बदलावों के प्रति अधिक संवेदनशील है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ट्रंप की टैरिफ नीतियों से अमेरिका में मंदी का खतरा बढ़ गया है और इससे क्रिप्टो बाजार भी प्रभावित होगा। कैप्रियोल इन्वेस्टमेंट्स के संस्थापक चार्ल्स एडवर्ड्स के अनुसार, ये टैरिफ अपेक्षा से अधिक हैं और निवेशकों का विश्वास डगमगा गया है।

ऐसा है अनुमान

एडवर्ड्स का कहना है कि अगले कुछ सप्ताह बिटकॉइन के लिए महत्वपूर्ण होंगे। यदि BTC 91,000 डॉलर तक पुनः पहुंचने में सफल हो जाता है, तो यह मजबूत रिकवरी का संकेत होगा। अन्यथा यह 71,000 डॉलर तक भी जा सकता है। बता दें कि बिटकॉइन 2 फरवरी को 100,000 डॉलर की ऐतिहासिक ऊंचाई से नीचे गिर गया था। इसके लिए डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और अमेरिकी ब्याज दरों पर अनिश्चितता को जिम्मेदारी ठहराया गया है।

नैस्डैक से है रिश्ता

इससे पहले, अमेरिकी निवेशक पीटर शिफ (Peter Schiff) बिटकॉइन के 20,000 डॉलर तक गिरने की आशंका जता चुके हैं। पीटर शिफ का कहना है कि अगर प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स नैस्डैक मंदी के दौर में प्रवेश करता है, तो दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी बिटकॉइन का प्रदर्शन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। बिटकॉइन की कीमतों को अक्सर अमेरिकी टेक्नोलॉजी शेयरों और नैस्डैक की गतिविधियों से जोड़कर देखा जाता है। पीटर शिफ का कहना है कि ऐसे में यदि नैस्डैक में मंदी आती है, तो बिटकॉइन की कीमतों में गिरावट संभव है।

कितनी गिरावट संभव?

अमेरिकी निवेशक ने कहा कि नैस्डैक इस साल अब तक 11% से अधिक नीचे आ गया है। लिहाजा अगर करेक्शन का यह दौर आगे भी जारी रहता है, तो बिटकॉइन की कीमतें गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर नैस्डैक 20% नीचे आता है, तो बिटकॉइन का भाव लगभग 65 हजार डॉलर पहुंच जाएगा। उन्होंने अमेरिकी बाजार में पिछली गिरावटों का जिक्र करते हुए यह भी कहा कि प्रमुख सूचकांक में 40% की गिरावट बिटकॉइन को 20,000 डॉलर या उससे नीचे ले जा सकती है।

इन्हें बढ़त का भरोसा

वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स ऐसे भी हैं जिन्हें लगता है कि बिटकॉइन की कीमतों में अभी और उछाल आएगा। रियल विजन के चीफ क्रिप्टो एनालिस्ट विश्लेषक जेमी कॉउट्स ने कॉइनटेग्राफ से बातचीत में कहा कि बाजार बिटकॉइन को शायद यह कम आंक रहा है। इस डिजिटल करेंसी में तेजी से उछाल की क्षमता है। उनका मानना है कि बिटकॉइन की कीमत 109,000 डॉलर को पार कर जाएगी। कॉउट्स का कहना है कि हालात बदल रहे हैं। अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना तरलता बढ़ाने पर केंद्रित है। बदले हुए समीकरण बिटकॉइन को तेजी से भागने का आधार तैयार कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बिटकॉइन दोबारा 1 लाख डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है।


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