अब तक आप ATM से पैसे निकालते रहे होंगे. लेकिन जल्द ही अब आप राशन निकाल पाएंगे. जी हां, अब आपको राशन की दुकानों के सामने लंबी कतारों में खड़े रहने ी जरूरत नहीं है. नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) के तहत आने वाले परिवार जल्द ही राशन की दुकानों पर लाइन में लगे बिना कभी भी गेहूं ले सकेंगे. सरकार बैंक ATM जैसे ग्रेन ATM (अनाज ATM) का इस्तेमाल करके जयपुर, बीकानेर और भरतपुर में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर रही है. इन ATM के जरिए NFSA परिवार दिन में 24 घंटे अपना गेहूं का कोटा निकाल सकेंगे. इससे लोगों को राशन की दुकानों पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
यह भी पढ़ें : Vande Bharat Sleeper Train आज से शुरू, जानें किराया से लेकर टाइमिंग और रूट तक
---विज्ञापन---
कैसे काम करता है अनाज एटीएम ?
लाभार्थी को मशीन की टच स्क्रीन पर अपना राशन कार्ड नंबर या आधार कार्ड नंबर दर्ज करना होता है. सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए मशीन में लगी बायोमेट्रिक मशीन पर अपना अंगूठा (फिंगरप्रिंट) लगाना होता है. यह सुनिश्चित करता है कि अनाज सही व्यक्ति को ही मिल रहा है. वेरिफिकेशन सक्सेसफुल होने के बाद स्क्रीन पर लाभार्थी के हिस्से का अनाज (जैसे 5kg या 50kg) दिखाई देता है.
---विज्ञापन---
लाभार्थी को मशीन के नीचे अपना बैग या बोरी लगानी होती है. मशीन स्वचालित रूप से अनाज को तौलती है और सीधे बैग में डाल देती है. यह मशीन सिर्फ 5 से 7 मिनट में 50 से 70 किलो तक अनाज निकाल सकती है.
इन देशों के पास है चांदी का अथाह भंडार? जानें भारत के पास कितना?
ओडिशा में पहले से है ये सिस्टम
यह सिस्टम ओडिशा में शुरू किया जा चुका है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ओडिशा में, अनाज एटीएम के जरिए चावल बांटा जाता है. यह अनाज एटीएम बायोमेट्रिक टेक्नोलॉजी से लैस है. इसमें लाभार्थी को सिर्फ मशीन के फिंगरप्रिंट सेंसर पर अपना अंगूठा रखना होता है और मशीन अपने आप लाभार्थी की पहचान करके उसे उसके कोटे के हिसाब से राशन दे देती है. मशीन की स्क्रीन पर इसकी जानकारी आ जाती है कि कितने वजन का अनाज दिया गया है.