Goodbye to speed cameras: वाहन चलाते समय अक्सर लोग ओवर स्पीड और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं। ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए स्पीड कैमरे लगाए जाते हैं, ये कैमरे रोड पर चलने वाले वाहनों पर नजर रखते हैं। कई सालों से स्पीड कैमरे अपना काम कर रहे हैं लेकिन अब इन्हें गुड बाय कहने का समय आ गया है। भारत ही नहीं अन्य देशों में भी स्पीड कैमरे बैन किये जा रहे हैं। अब इसके लिए क्या कारण है? और क्यों ऐसा किया जा रहा है? आइये जानते हैं आसान भाषा में...
न्यूयॉर्क में क्यों बंद हुए स्पीड कैमरे
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रिपोर्ट्स के मुताबिक न्यूयॉर्क में लोग इस तरह के रडार से खुश नहीं हैं। कई शहरों में फिक्स्ड रडार बंद कर दिए गए हैं, क्योंकि हाल ही में राज्य परिवहन विभाग द्वारा नया कानून लागू किया गया है, जिसके अनुसार इन कैमरों का संचालन जारी रखने के लिए एक विस्तृत नियंत्रण से गुजरना होगा, यानी राज्य को यह दिखाना होगा कि स्पीड कैमरे सड़क सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं और केवल राज्य के खजाने को भरने का साधन नहीं हैं।
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लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि ये मशीनें सड़क सुरक्षा में सुधार लाने के बजाय केवल स्थानीय बजट के लिए धन जुटाने का काम करती हैं, यानी यह उस वास्तविकता से बहुत दूर है जिसके लिए इन्हें बनाया गया था। इनके बंद होने से कुछ ड्राइवर खुश हैं...
AI का ज़माना
स्पीड कैमरे अपना काम ठीक से कर रहे हैं या नहीं इस पर एक लम्बी बहस छिड़ सकती है। अब स्पीड कैमरे बीते जामने की बात हो चले हैं क्योंकि अब ज़माना AI का है। भारत में कुछ शहरों में इसकी शुरुआत हो चुकी है। भारत में ट्रैफिक नियमों को सख्त बनाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू किया है।
इसकी मदद से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों का पता लगाने में मदद मिलेगी। इतना ही नहीं इससे ऑटोमैटिक नंबर प्लेट की पहचान करने में भी मदद मिलेगी। AI की मदद से चालान अपने आप कटेगा। रोड पर चलने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रहेगी।
AI की नजर से कोई बच नहीं पायेगा। सरकार का उद्देश्य लोगों की सेफ्टी के साथ अनुशासित ड्राइविंग को बढ़ावा देना है। यानी अब भारत में भी जल्द ही स्पीड कैमरों को अलविदा कह दिया जाएगा। खास बात ये है कि स्पीड कैमरे के साथ छेड़खानी की जा सकती है लेकिन AI के साथ गड़बड़ी की कोई गुंजाईश नहीं होगी।