Surya Gochar 2026 Rashifal: आज से दो दिन बाद यानी 13 फरवरी, 2026 को इस महीने की सबसे बड़ी ज्योतिषीय घटना होगी, जब ग्रहों के स्वामी माने गए सूर्य ग्रह कुंभ राशि में जाएंगे। इस राशि के स्वामी शनि हैं, जो कर्मफल दाता होने के साथ सूर्यपुत्र भी हैं। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और सूर्यपुत्र की शत्रुता एक प्रसिद्ध कथा है, जिसका वर्णन पुराणों में मिलता है। ज्योतिषाचार्य हर्षवर्द्धन शांडिल्य बताते हैं कि पिता-पुत्र की शत्रुता का खामियाजा कई राशियों को उठाना पड़ सकता है, लेकिन 3 राशियों के जातकों पर सूर्य का कुंभ गोचर काफी भारी और मुश्किलों वाला साबित होगा। आइए जानते हैं, ये राशियां कौन-सी हैं?
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए सूर्य का कुंभ राशि में गोचर थोड़ा चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। परिवार में पिता या वरिष्ठ सदस्यों के साथ मतभेद हो सकते हैं। पुराने विवाद अचानक सामने आ सकते हैं। अपने शब्दों और निर्णयों में सावधानी रखें। करियर या शिक्षा में तनाव महसूस हो सकता है। स्वास्थ्य पर भी हल्का असर पड़ सकता है। हालांकि, धैर्य और संयम से परिस्थितियां नियंत्रित की जा सकती हैं। दोस्तों और परिवार के साथ संवाद बढ़ाने की जरूरत है। यह समय समझदारी से काम लेने का है। सकारात्मक सोच और समय प्रबंधन से मुश्किलें आसान हो सकती हैं। धन संबंधी मामलों में अतिरिक्त सतर्कता रखें।
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कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों पर सूर्य का गोचर विशेष प्रभाव डाल सकता है। अपने वरिष्ठों या पिता जैसी भूमिका वाले लोगों के साथ टकराव संभव है। मानसिक तनाव बढ़ सकता है। वित्तीय फैसलों में देरी हो सकती है। कामकाज और जिम्मेदारियों में बाधाएं आ सकती हैं। हालांकि, सकारात्मक सोच और संयम बनाए रखें। किसी भी प्रकार का जल्दबाजी फैसला नुकसानदेह साबित हो सकता है। परिवार में धैर्य और समझदारी से रिश्तों को बचाया जा सकता है। स्वास्थ्य पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। पुरानी बातों को भूलकर रिश्तों में सामंजस्य बनाए रखें। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले मित्रों या सलाहकार की राय लें।
कन्या राशि
कन्या राशि के लिए यह गोचर थोड़ी सावधानी और अनुशासन की मांग करेगा। पिता या वरिष्ठ व्यक्तियों के साथ मनमुटाव संभव है। परिवारिक वातावरण तनावपूर्ण हो सकता है। कामकाज में देरी या भ्रम महसूस हो सकता है। आर्थिक मामलों में भी सतर्क रहने की जरूरत है। नए निर्णय तुरंत न लें, सोच-समझकर कदम उठाएं। हालांकि, इस समय में धैर्य और संतुलन बनाए रखने से परिस्थितियां आसान हो जाएंगी। व्यक्तिगत स्वास्थ्य और मानसिक शांति पर ध्यान दें। सकारात्मक आदतों और नियमित दिनचर्या से मानसिक तनाव कम होगा। कार्यक्षेत्र में सहयोगियों के साथ तालमेल बनाए रखना लाभकारी रहेगा।
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.