Shivji Ke Upay: पुराणों व आगमों के अनुसार बिल्व पत्र के बिना भगवान शिव की पूजा अधूरी मानी जाती है। बिल्व पत्र के तीन पत्ते सृष्टि में सत, रज और तम गुणों के प्रतीक हैं। भोलेनाथ इन तीनों ही गुणों के अधिपति और संचालक है। इसके अलावा बिल्व पत्र के तीन पत्ते शिव के तीन नेत्रों के भी प्रतीक हैं। यही कारण है कि उनकी पूजा में इसका प्रयोग अनिवार्य है।
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ऐसे करें बिल्व पत्र के उपाय (Shivji Ke Upay)
ज्योतिष शास्त्र में बिल्व पत्र का अत्यधिक महत्व बताया गया है। यदि शिवरात्रि अथवा सोमवार के दिन बिल्व पत्र के कुछ उपाय कर लिए जाए तो व्यक्ति अपना भाग्य बदल सकता है। जानिए ऐसे ही कुछ उपायों के बारे में
आगमों में बिल्व पत्र को शिव का ही प्रतीक बताया गया है। महाशिवरात्रि अथवा सोमवार के दिन बिल्व पत्र के वृक्ष की पूजा करें, उन्हें पुष्प, कुमकुम आदि अर्पित करें। उनके निकट देसी घी का दीपक जलाएं। इस उपाय से भगवान भोलेनाथ तुरंत ही समस्त मनोरथ पूर्ण करते हैं।
यदि आप लाख प्रयासों के बाद भी धनू नहीं बन पा रहे हैं तो यह उपाय करें। शिवलिंग पर चढ़ाए गए तीन बिल्व पत्र के पत्ते अपने घर ले आएं और उन पर चंदन से ॐ नम: शिवाय लिख कर उन्हें अपनी तिजोरी में रख दें। ऐसा करते ही पैसे की तंगी हमेशा के लिए दूर हो जाएगी। यदि आप बिल्व वृक्ष की पूजा करते हैं तो इससे भी आर्थिक तंगी दूर होती है।
यदि आप अपने घर में स्थाई रुप से समृद्धि पाना चाहते हैं तो अपने घर तथा कार्यस्थल पर बिल्व वृक्ष का पौधा लगाएं। वह पौधा जैसे-जैसे बड़ा होगा, आपके घर में भी धन का भंडार बढ़ता जाएगा। इस पौधे को घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) में लगाना चाहिए।