हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Navratri Havan Samagri: नवरात्रि की पूजा हवन के बिना नहीं होती है पूरी, पहले नोट कर लें सामग्री और सही विधि

Navratri Havan Samagri List: नवरात्रि नवरात्रि का व्रत बिना हवन कार्य के संपन्न नहीं होता है। ऐसे में आइए जानते हैं हवन सामग्री की पूरी लिस्ट और इसकी सही विधि।

विज्ञापन
Navratri Havan Samagri

Navratri 2023 Navami Havan Samagri and Vidhi: 15 अक्टूबर से शुरू हुई शारदीय नवरात्रि अब क्रमशः समापन की ओर जा रही है। नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के विभन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। साल 2023 में शारदीय नवरात्रि का समापन 24 अक्टूबर को दुर्गा विसर्जन के साथ होगा। उससे पहले 22 अक्टूबर को महा अष्टमी और 23 को महा नवमी है। ये दोनों की दिन कन्या पूजन के साथ-साथ हवन के लिए उपयुक्त माने गए हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा की उपासना के साथ-साथ हवन करना अनिवार्य माना गया है, क्योंकि हवन के बिना नवरात्रि की पूजा पूरी नहीं होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं नवरात्रि में हवन विधि और सामग्री के बारे में हर जरूर बातें।

कब है दुर्गा अष्टमी और नवमी 2023?

पंचांग के अनुसार, नवरात्रि में अष्टमी तिथि की शुरुआत 21 अक्टूबर को रात 9 बजकर 53 मिनट से होगी। जबकि इस तिथि की समाप्ति 22 अक्टूबर को शाम 7 बजकर 58 मिनट पर होगी। ऐसे में उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, महा अष्टमी 22 अक्टूबर 2023 को मनाई जाएगी। वहीं पंचांग के मुताबिक आश्विन शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 22 अक्टूबर 2023 को रात 7 बजकर 58 मिनट से शुरू होकर 23 अक्टूबर को शाम 5 बजकर 44 मिनट तक है। ऐसे में उदया तिथि की मान्यता के अनुसार महानवमी का व्रत 23 अक्टूबर को रखा जाएगा। ऐसे में अष्टमी और नवमी तिथि समाप्त होने से पहले हवन की प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

नवरात्रि हवन-सामग्री लिस्ट

हवन कुंड, आम की लकड़ी, चावल, जौ, कलावा, शक्कर, गाय का घी, पान का पत्ता, काला तिल, सूखा नारियल, लौंग, इलायची, कपूर, बताशा आदि। धर्म शास्त्रों के जानकार बताते हैं कि उपरोक्त हवन सामग्री के बिना पूजन कार्य संपन्न नहीं होता। ऐसे में नवरात्रि 2023 में हवन करने से पूर्व इन सामग्रियों को इकट्ठा कर लें।

विज्ञापन

यह भी पढ़ें: नवरात्रि में महाअष्टमी और नवमी कब है? जानें कन्या पूजन की विधि और व्रत-पारण का समय

हवन की विधि

नवरात्रि में हवन कार्य के लिए हवन कुंड बेहद खास होता है। इसी कुंड में अग्नि की स्थापना करके अग्नि देव को आहुति दी जाती है। ऐसे में हवन करने से पूर्व हवन कुंड को अच्छे से धोकर गंगाजल से अभिषिक्त कर लें। कई भक्त जमीन पर ही ईंट की सहायता से या मिट्टी खोदकर हवन कुंड का निर्माण करते हैं, ऐसे में यह नियम यहां लागू नहीं होगा। हवन कुंड को शुद्ध करने के बाद उसकी चारों तरफ कलावा बांधें। फिर उस पर स्वास्तिक बनाकर पूजा करें। इसके बाद हवन कुंड पर अक्षत, फूल और चंदन आदि अर्पित करें। इसके बाद हवन सामग्री तैयार कर लें। इसमें घी, शक्कर, चावल और कपूर डालें।

विज्ञापन

फिर हवन कुंड में पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण दिशा की ओर 4 आम की लकड़ी रखें। फिर इसके बीच में पान का पत्ता रखकर उस पर कपूर, लौंग, इलायची, बताशा आदि रखें। इसके बाद हवन कुंड में आम की लकड़ियां रखकर अग्नि प्रज्वलित करें। अब मंत्र बोलते हुए हवन सामग्री से अग्नि में आहुति दें। हवन संपूर्ण होने के बाद 9 कन्याओं की पूजा कर उन्हें भोजन कराएं। इसके बाद उनके पैर छूकर आशीर्वाद लें। फिर कन्याओं को दक्षिणा या उपहार देकर श्रद्धापूर्वक विदा करें।

यह भी पढ़ें: Durga Ashtami Upay: दुर्गा अष्टमी के दिन करें खास उपाय, मां महागौरी की कृपा से घर में आएगी सुख-समृद्धि और पैसा

विज्ञापन

डिस्क्लेमर:यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola