Laxman Mandir Rajasthan History Importance in Hindi: वैसे तो देश-विदेश में प्रभु श्रीराम, माता सीता और हनुमान के कई मंदिर हैं। लेकिन, श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण से जुड़ा एक मंदिर ऐसा है जिसके जुड़ी खास मान्यता है। मान्यता के अनुसार, राजस्थान के भरतपुर में लक्ष्मण का एक मंदिर ऐसा है, जिसमें उनके साथ, हनुमानजी, भरत, शत्रुघ्न, माता सीता के साथ-साथ प्रभु श्रीराम की प्रतिमा भी मौजूद है। लक्ष्मण मंदिर का इतिहास तीन सौ (300) साल पुराना बताया जाता है। यहां लक्ष्मण जी अपनी पत्नी ऊर्मिला के साथ विराजमान हैं। लक्ष्मण मंदिर से जुड़ी अहम जानकारी और मान्यता, यहां जानिए।

लक्ष्मण मंदिर, भरतपुर (राजस्थान)

राजस्थान का लक्ष्मण मंदिर देश के प्रमुख मंदिरों में से एक है। कहा जाता है कि इस मंदिर को राज परिवार से संबंध रखने वाले बलवंत सिंह ने करवाया था। मान्यता के अनुसार, तकरीबन 300 साल पहले इस मंदिर का निर्माण हुआ था। मंदिर की सभी मूर्तियां अष्टधातु की हैं। यहां रोजाना सैकड़ों भक्त और पर्यटक दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर का बाहरी और भीतरी हिस्सा बादामी रंग के पत्थरों से बनाया गया है। कहा जाता है कि इस मंदिर में भरतपुर के लोगों के इष्ट के तौर पर 'लक्ष्मण' जी मौजूद हैं।

मंदिर का इतिहास

लक्ष्मण मंदिर के बारे में कहा जाता है कि यह 300 साल पुराना है। मान्यता के अनुसार, यहां दो लक्ष्मण मंदिर है। कहा जाता है कि जब नया लक्ष्मण मंदिर बनकर तैयार हुआ और पुराने मंदिर में मौजूद मूर्तियों को नए मंदिर में स्थापित किया जाने लगा तो मूर्ति हिल न सकी। जिस कारण लक्ष्मण जी मंदिर में नई मूर्ति स्थापित की गई। नए मंदिर के पीछे पुराना लक्ष्मण मंदिर है।

कब से कब तक कर सकते हैं दर्शन

लक्ष्मण मंदिर भक्तों के लिए सुबह 5 बजकर 30 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजे तक खुला रहता है। इसके अलावा शाम 4 बजे से लेकर रात 8 बजे तक मंदिर के पट खुले रहते हैं। मंदिर के बारे में एक अन्य मान्यता है कि इसका निर्माण नगा साधुओं ने करवाया था। मंदिर घूमने के लिए किसी प्रकार का शुल्क (पैसा) नहीं देना होता है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है।News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।