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Chhath Puja 2023: छठी मैया और भगवान ब्रह्मा के बीच क्या है खास संबंध, जानें किनकी पत्नी हैं षष्ठी माता

Chhath Puja 2023: चार दिवसीय छठ पूजा की शुरूआत 17 नवंबर से हो रही है। आइए जानते हैं कि छठी मैया और ब्रह्मा जी के बीच क्या संबंध है और माता षष्ठी किनकी पत्नी हैं?

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Chhath Puja 2023

Chhath Puja 2023: छठ को आस्था का सबसे बड़ा पर्व माना गया है। पंचांग के अनुसार, कल यानी 17 नवंबर, 2023 से छठ पूजा की शुरुआत हो रही है। जो कि 20 नवंबर तक चलेगा। इस क्रम में पहले दिन नहाय-खाय 17 नवंबर को ही होगा। जिसमें छठ व्रती नहाकर स्वच्छ वस्त्र धारण करते हैं। साथ ही इस दिन कद्दू-भात का विशेष भोजन तैयार करने का रिवाज भी है। मान्यता है कि इस दिन किए जाने वाले भोजन में लहसुन-प्याज का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

आमतौर पर लोग छठ पर्व को लेकर इस मान्यता को ध्यान में रखते हैं कि 36 घंटे निर्जला व्रत के दौरान सूर्य देव की उपासना की जाती है। हालांकि यह तो सही है ही इसके अलावा छठ पर्व पर छठी मैया की उपसना भी की जाती है। आइए जानते हैं कि छठी मैया और भगवान ब्रह्मा के बीच क्या संबंध है और छठी मैया किनकी पत्नी हैं।

छठी मैया का ब्रह्मा जी के साथ संबंध

शास्त्रों के मुताबिक, छठी मैया सूर्य देव की बहन है। जिन्हें षष्ठी से नाम से जाना जाता है, लेकिन आम बोलचाल में बहुतायत छठी मैया ही कहा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि ब्रह्मा जी इस सृष्टि के रचयिता हैं। यानी इस सृष्टि को ब्रह्मा जी ने ही अपने करकमलों से निर्मित किया है, ऐसी आमधारण है। पौराणिक कथा और ग्रंथों के मुताबिक छठी मैया भगवान ब्रह्मा की पुत्री हैं।

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यह भी पढ़ें: छठ पूजा कब से शुरू है 17 या 18 नवंबर से? कंफ्यूजन करें दूर, जानिए खरना से लेकर पारण तक शुभ मुहूर्त

एक अन्य पौराणिक कथा है कि सृष्टि की रचना करने के दौरान भगवान ब्रह्मा ने अपने शरीर को दो भागों में विभक्त कर लिया था। जिसके बाद उनके दाहिने भाग से मनुष्य का जन्म हुआ और बाएं हिस्से से प्रकृति की उत्पत्ति हुई। जिसके बाद प्रकृति ने खुद को छह भागों में अलग-अलग कर लिया। प्रकृति देवी के छठे अंश को षष्ठी देवी कहा जाता है। कालांतर में षष्ठी शब्द आम बोलचाल में छठ के रूप में प्रयुक्त होने लगा।

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छठी मैया किनकी पत्नी हैं?

पुराणों के अनुसार, छठी मैया के पति का नाम कार्तिकेय है। भगवान कार्तिकेय माता पार्वती और भगवान शिव के पुत्र हैं। इन्हें भगवान गणेश का भाई भी माना जाता है। श्रीमद्भागवत महापुराण के अनुसार प्रकृति के छठे अंश से प्रकट हुई 16 माताओं में सबसे प्रसिद्ध छठी मैया हैं, जो कार्तिकेय की पत्नी हैं।

छठ पूजा 2023: अर्घ्य समय

रविवार, 19 नवंबर संध्याकालीन अर्घ्य- 06:00 बजे

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सोमवार, 20 नवंबर को सूर्योदय अर्घ्य- 06:48 बजे

यह भी पढ़ें: Chhath Puja 2023: छठ पूजा क्यों मनाई जाती है? जानिए शुभ मुहूर्त, इतिहास और पौराणिक महत्व

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के एक्सपर्ट से सलाह अवश्य लें।

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