Friday, July 3, 2020

G-7 में भारत के शामिल होने को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप ने कही ये बातें, जल-भुन गया चीन और पाकिस्तान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कोरोना वायरस महामारी के चलते जून में होने वाले G7 Summit को स्थगित कर दिया है। अब यह G7 Summit सितंबर में होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे इस शिखर सम्मेलन के लिए भारत, रूस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी आमंत्रित करना चाहेंगे।

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के कारण जी 7 सम्मेलन तल गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कोरोना वायरस महामारी के चलते जून में होने वाले G7 Summit को स्थगित कर दिया है। अब यह G7 Summit सितंबर में होगा। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे इस शिखर सम्मेलन के लिए भारत, रूस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी आमंत्रित करना चाहेंगे। उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि जी-7 ठीक से यह दर्शाता है कि दुनिया में क्या चल रहा है। यह देशों का एक बहुत पुराना समूह है।’

फ्लोरिडा से वॉशिंगटन डीसी जाते वक्त Air Force One पर Donald Trump ने जर्नलिस्टों से कहा, G7 Summit का स्वरूप काफी पुराना हो चुका है। यह पूरी दुनिया का ठीक से प्रतिनिधित्व नहीं करता है, इसलिए इसका विस्तार जरूरी है। इसलिए मैं भारत, रूस, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया को भी इसमें आमंत्रित करना चाहता हूं। उन्होंने कहा कि यह सम्मेलन अब संयुक्त राष्ट्र महासभा के पहले या बाद में सितंबर महीने में हो सकता है। यह सम्मेनल कैम्प डेविड में 10 से 12 जून तक होने वाला था। व्हाइट हाउस की स्ट्रेटेजिक कम्यूनिकेशंस डायरेक्टर एलिसा एलेक्झेंड्रा फराह ने कहा कि इसकी योजना अपने सभी पारंपरिक सहयोगियों को एक साथ लाने की है ताकि भविष्य में चीन से कैसे निपटना है इस पर चर्चा की जाए।

जी7 दुनिया की सबसे बड़ी और संपन्न अर्थव्यवस्थाओं वाले सात देशों का मंच है। इसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा शामिल हैं। इन देशों के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और मुद्रा के मुद्दों पर हर साल बैठक करते हैं। इस साल जी7 की अध्यक्षता अमेरिका के पास है। शिखर सम्मेलन के दौरान जी7 अध्यक्ष आम तौर पर किसी एक या दो देशों के प्रमुख को विशेष अतिथि के तौर पर आमंत्रित करते हैं। पिछले साल फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जी7 शिखर सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया था।

जी-7 के सदस्य कौन हैं?
जी-7 के सदस्य हैं, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, जापान, ब्रिटेन, इटली और अमेरिका। जी-7 दुनिया के सात विकसित देशों का एलीट क्लब है, जो विश्व की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करती है। इन देशों का दुनिया की 40 फीसदी जीडीपी पर कब्जा है।

क्यों G-7 समूह की जरूरत पड़ी
1970 के दशक में कई देशों को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। पहला- तेल संकट और दूसरा- फिक्स्ड करेंसी एक्सचेंज रेट्स के सिस्टम का ब्रेक डाउन। 1975 में जी7 की पहली बैठक आयोजित की गई, जहां इन आर्थिक समस्याओं के संभावित समाधानों पर विचार किया गया। सदस्य देशों ने अंतरराष्ट्रीय आर्थिक नीति पर समझौता किया और वैश्विक आर्थिक मंदी से निपटने के लिए समाधान निकाले।

चीन नहीं है इसका हिस्सा
आपको बात दें कि चीन G20 का हिस्सा है, लेकिन G7 में शामिल नहीं है। चीन दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवथा है, फिर भी जी7 का हिस्सा नहीं है। इसकी वजह ये है कि चीन में सबसे ज्यादा आबादी है और प्रति व्यक्ति आय संपत्ति जी7 देशों के मुकाबले बहुत कम है। ऐसे में चीन को उन्नत या विकसित अर्थव्यवस्था नहीं माना जाता है।

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