Tuesday, June 2, 2020

अमेरिका ने बनाया खतरनाक अदृश्य हथियार, चीन की पेशानी पर आया पसीना, कैसे करेगा मुकाबला

अमेरिका ने एक ऐसा लेसर हथियार बना लिया है तो चीन के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। इसकी मारक क्षमता चीन के ऐसी ही हथियार की मारक क्षमता से कई गुना ज्यादा है।

नई दिल्ली। भारत के काली 500 की तरह ही अमेरिका ने एक ऐसा हथियार बना लिया है जो दुश्मन के जहाज या मिसाइल, युद्धपोत और पनडुब्बियों को पल भर में ध्वस्त कर सकता है। सबसे बड़ी बात है यह दिखाई नहीं देता है। इसको दागने के बाद किसी तरह का न धुआं निकलता है न रोशनी और न आवाज। यह अपने लक्ष्य को इस तरह भेदता है कि दुश्मन को अंदाज भी नहीं होता और उसका काम तमाम हो जाता है। भारत ने जो हथियार बनाया है उसे हवा से हवा में, हवा से जमीन पर, जमीन से हवा में और पानी से पानी और पानी से आसमान में भी दुश्मन के निशाने को ध्वस्त किया जा सकता है, लेकिन अमेरिका ने इस हथियार का इस्तेमाल अपने नेवी वॉर शिप से किया और समुद्र में ही स्थित लक्ष्य का सटीक भेदन किया।

ऐसी जानकारी मिली है कि अमेरिकी नेवी ने इस हथियार का विकास चीन को ध्यान में रखते हुए किया है। चीन के साथ अमेरिका के संबंध बहुत तनावपूर्ण चल रहे हैं और किसी भी वक्त जंग छिड़ जाने की आशंका बनी हुई है। शुक्रवार के यह खबर आयी थी कि अमेरिका थिंक टैंक ने पेंटागन और व्हाइट हाउस को चीन के खिलाफ छोटा परमाणु युद्ध करने का मश्विरा दिया है। परमाणु युद्ध के परिणाम काफी भयंकर हो सकते हैं इसलिए अमेरिका ने ऐसा हथियार विकसित कर लिया है जो चीन को बर्वाद भी कर देगा और परमाणु युद्ध जैसी विभीषिका का आशंका भी नहीं रहेगी। हालां कि यह जानकारी भी मिली है कि चीन ने भी ऐसा ही हथियार विकसित कर लिया है लेकिन अमेरिकी हथियार की क्षमता और शक्ति चीन के लेजर वेपन से कई गुना ज्यादा है।

मिली जानकारी के मुताबित अमेरिका की नेवी वॉरशिप ने जो हथियार तैयार किया है जो अपने टारगेट को हवा में ही मारने की ताकत रखता है। इसमें खास बात यह है कि यह एक हाई-एनर्जी लेजर हथियार है। लेजर रेज आंखों को दिखाई नहीं देती हैं, सीधे असर करती हैं। इस टेस्ट का ऐलान नेवी के पैसिफिक फ्लीट ने किया। साल की शुरुआत में चीन के नेवी डिस्ट्रॉयर ने अमेरिका के नीव मैरिटाइम पट्रोल एयरक्राफ्ट को लेजर बीम से निशाना बनाया था। माना जा रहा है कि अमेरिका ने पैसिफिक में यह परीक्षण करके चीन को जवाब दिया है। साउथ चाइना सी को लेकर दोनों देशों के बीच में तनावपूर्ण हालात जारी हैं।

फ्लीट ने जो वीडियो शेयर किया है उसमें USS पोर्टलैंड डॉक शिप ये टेस्टिंग करता देखा गया। इसमें फर्स्ट सिस्टम-लेवल की हाई-एर्जी क्लास सॉलिड-स्टेट लेजर का इस्तेमाल किया गया है। यह हवा में ड्रोन एयरक्राफ्ट को मार सकता है। लेजर आंखों को दिखाई नहीं देता है कि विमान के सेंसर ने डिटेक्ट किया था। इससे पहले फरवरी में फिलीपीन सी में गुआम से 380 मील पश्चिम की ओर चीन की ओर से अमेरिकी क्राफ्ट को निशाना बनाया गया था।

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