Tuesday, June 2, 2020

Coronavirus: तबलीगी जमात की सभाओं से एशिया के इन देशों में भी फैला कोरोना

एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें आशंका जताई गई है कि जमात के सदस्यों को कई एशियाई देशों में कोरोना वायरस महामारी प्रतिबंध के बीच बड़ी धार्मिक सभाओं में हिस्सा लेकर प्रचार करते पाया गया है, जहां सैकड़ों लोग संक्रमित हुए हैं और इस समुदाय की यह लापरवाही कई देशों के लोगों पर भारी पड़ती दिख रही है।

नई दिल्‍ली: राजधानी दिल्‍ली में तबलीगी जमात से कोरोना के 24 मरीज सामने आने के बाद देश में हड़कंप मच गया है। इसके साथ ही एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें आशंका जताई गई है कि जमात के सदस्यों को कई एशियाई देशों में कोरोना वायरस महामारी प्रतिबंध के बीच बड़ी धार्मिक सभाओं में हिस्सा लेकर प्रचार करते पाया गया है, जहां सैकड़ों लोग संक्रमित हुए हैं और इस समुदाय की यह लापरवाही कई देशों के लोगों पर भारी पड़ती दिख रही है।

हर साल फरवरी और मार्च में दुनिया भर के दस लाख से अधिक इस्लामिक उपदेशक दक्षिण एशियाई और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में इस्लामिक प्रचार-प्रसार से संबंधित कार्यक्रमों के लिए आते हैं। चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर से दिसंबर में नोवेल कोरोना वायरस की शुरुआत होने के बाद इसके संक्रमण को रोकने के लिए कई देशों ने यात्रा प्रतिबंध लगाए। हालांकि तबलीगी जमात अपने पूर्व नियोजित समारोहों को आगे बढ़ाता रहा।

पाकिस्तानी में हैदराबाद व सिंध की जमात के सदस्यों के बीच वायरस संबंधी सामुदायिक प्रसार के 36 मामलों का पता चला। इसके साथ ही दो मौतें यहां पर कोरोना वायरस से हुई। ये मामले नूर मस्जिद से रिपोर्ट किए गए थे, जहां शुरू में लगभग 200 जमात सदस्यों को एकांतवास में रखा गया। इस समूह के 19 वर्षीय चीनी मूल के सदस्य के 27 मार्च को कोविड-19 पॉजिटिव पाए जाने के बाद सिंध में जमात के दूसरे सबसे बड़े केंद्र नूर मस्जिद को बंद कर दिया गया था।

इस्लामाबाद के सूत्रों ने कहा कि फिलिस्तीन और किर्गिस्तान सहित लगभग 80 देशों के हजारों मुस्लिम प्रचारक सिंध में मार्च की शुरुआत में हुई तबलीगी जमात की सभा में शामिल हुए। सूत्रों ने कहा कि कोरोना के सैकड़ों मामले पॉजिटिव पाए जाने के बाद सरकार द्वारा इस समूह के कार्यक्रम को बंद कराया गया।

भारत में मार्च के पहले सप्ताह में लगभग 250 विदेशी नागरिक तबलीगी जमात में शामिल होने के लिए नई दिल्ली के निजामुद्दीन पहुंचे। इस सभा में 1,700 से 1,800 भारतीय और विदेशी लोग शामिल हुए थे। कई विदेशी सदस्य इस्लाम के प्रचार के लिए विभिन्न राज्यों में गए और वे पर्यटक वीजा पर थे। नौ भारतीय प्रतिभागियों की कोरोनो वायरस संक्रमण से मौत हो चुकी है। नौ में से छह की मौत तेलंगाना में, जबकि तमिलनाडु, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर में एक-एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इसके अलावा विदेशी नागरिकों में से एक की मौत हो गई है और 19 अन्य संक्रमित पाए गए हैं।

दिल्ली पुलिस ने इन समूह से जुड़े कुल 1,830 लोगों की पहचान की है। इनमें तमिलनाडु से 501, असम से 216, उत्तर प्रदेश से 156, मध्य प्रदेश से 107, महराष्ट्र से 109, बिहार से 86 और पश्चिम बंगाल से 73 लोग शामिल हैं।

मलेशियाई मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत और मार्च की शुरुआत में तबलीगी जमात की सभा में ही देश में कोरोना के फैले कुल मामलों में से आधे से अधिक का पता लगाया गया है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि मलेशिया में भाग लेने वाले इस्लामिक प्रचारकों ने ब्रुनेई और थाईलैंड में भी वायरस फैलाया था।

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