Monkeypox Strain Clade-1: मंकीपॉक्स नाम की नई बीमारी अफ्रीका महाद्वीप में तेजी से फैल रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस बीमारी को काफी चिंताजनक बताया है। आशंका है कि जिस हिसाब से ये फैल रही है। आगामी दिनों में इसका प्रकोप कोविड-19 जैसा हो सकता है। अब एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। पता लगा है कि एंटीवायरल दवा टेकोविरिमैट का ज्यादा असर मंकीपॉक्स के क्लेड-1 स्ट्रेन पर नहीं दिख रहा है। इस स्ट्रेन के अफ्रीका में 18700 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। बता दें कि टेकोविरिमैट का प्रयोग पिछली मंकीपॉक्स की लहर को रोकने के लिए 2022-23 में किया गया था। नया जो शोध सामने आया है। उसमें पता लगा है कि नए स्ट्रेन के मरीजों को इस दवा से राहत नहीं मिल रही है।
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इस एंटीवायरल दवा को TPOXX भी कहा जाता है। वैज्ञानिक दवा को लेकर रिसर्च कर रहे थे कि कांगो रिपब्लिकन गणराज्य में जो बीमारी फैली है, क्या उसको यह रोक सकती है? क्लेड-1 स्ट्रेन के अधिकतर मामले वहीं सामने आ रहे हैं। वैसे टेकोविरिमैट को चेचक के इलाज के लिए विकसित किया गया है। इसे अमेरिकी खाद्य और औषधि प्रशासन (FDA) की ओर से अनुमोदित किया जा चुका है। माना जाता है कि चेचक का संबंध मंकीपॉक्स से होता है। लेकिन अब सामने आया है कि ये चेचक से ज्यादा खतरनाक है। अब टेकोविरिमैट इस बीमारी के इलाज में कामयाब नहीं हो पा रही है। नए शोध के बाद आंकड़े नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज विभाग (NIAID) ने जारी किए हैं।