Thursday, July 9, 2020

पाकिस्तान के बहकावे में आकर भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले इस प्रधानमंत्री के आए बुरे दिन

कश्मीर के मुद्दे पर भारत का साथ छोड़ पाकिस्तान का साथ देने वाले मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद बड़ा झटका लगा है। पहले तो उनकी कुर्सी गई और अब उन्हें उनकी ही पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है।

नई दिल्ली: कश्मीर के मुद्दे पर भारत का साथ छोड़ पाकिस्तान का साथ देने वाले मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद बड़ा झटका लगा है। पहले तो उनकी कुर्सी गई और अब उन्हें उनकी ही पार्टी से बर्खास्त कर दिया गया है। महातिर मोहम्मद को उनकी ही पार्टी ने पार्टी के संविधान का उल्लंघन करने का दोषी करार देते हुए बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया।

कश्मीर मुद्दे और नागरिकता संशोधन कानून पर भारत की आलोचना को लेकर चर्चा में आए मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को संसदीय सत्र में विपक्ष के साथ बैठने को लेकर पार्टी से निकाल दिया गया है। महातिर को जिस राजनीतिक पार्टी से निकाला गया है, वो उसी के सह-संस्थापक रहे हैं।

गुरुवार को महातिर को लिखे पत्र में प्रीबूमि बेरसतु मलेशिया (पीपीबीएम) के कार्यकारी सचिव मुहम्मद सुहैमी याहया ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री की सदस्‍यता, पार्टी के संविधान का उल्‍लंधन करने के कारण रद की जा रही है। आपको बता दें कि इससे पहले भारत से तनाव के बीच इसी साल फरवरी में महातिर मोहम्मद को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद पूर्व गृह मंत्री मोहिउद्दीन यासीन मलेशिया के प्रधानमंत्री बने।

आपको बता दें कि महातिर मोहम्मद के भारत विरोधी बयान देने के बाद भारत और मलेशिया के बीच संबंध काफी तल्ख हो गए थे। भारत को मलेशिया के खिलाफ कई प्रतिबंध तक लगाने पड़े थे। भारत में मलेशिया से पाम तेल के आयात पर लगभग पाबंदी लगा दी थी। लेकिन मोहिउद्दीन यासीन के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में बीच पैदा हुई खटास फीकी पड़ने लगी है। भारत ने पाम के आयात पर लगी पाबंदी भी खत्म कर दी है।

मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने पिछले साल संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण में भारत पर कश्मीर पर बलपूर्वक कब्जा करने का आरोप लगाया था। भारत मलेशिया के तत्कालीन प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद की टिप्पणियों को लेकर नाराज था। महातिर मोहम्मद ने कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने का विरोध किया था।

इतना ही नहीं महातिर मोहम्मद ने एनआरसी-सीएए पर भारत की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि ‘मुझे ये देखते हुए बहुत अफ़सोस होता है कि खुद के धर्मनिरपेक्ष होने का दावा करने वाला भारत कुछ मुसलमानों को नागरिकता से वंचित कर रहा है। इस क़ानून की वजह से पहले से ही लोग मर रहे हैं तो अब इसे लागू करने की क्या ज़रूरत है जब लगभग 70 सालों से सभी एक नागरिक के तौर पर साथ रह रहे हैं।’

इसके बाद भारत ने पहले महातिर के बयान को तथ्यों के आधार पर ग़लत बताया था और उन्हें भारत के अंदरूनी मामलों पर बोलने से बचने के लिए कहा था। बाद में भारत में मलेशिया से पाम तेल के आयात पर लगभग पाबंदी लगा दी थी।

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