Friday, July 10, 2020

अब चीन में नहीं खाए जाएंगे कुत्‍ते, जानिए ड्रैगन ने क्‍यों किया ऐसा…

Corona महामारी के बाद चीन की सरकार को होश आया है और उन्‍होंने कुत्तों को खाने पर रोक लगाने का निर्णय किया है। चीन ने कृषि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के अनुसार, कुत्तों को अब पालतू जानवर बताया गया है, जबक‍ि पहले इसको पशुपालन की श्रेणी में रखा गया था।

नई दिल्‍ली: चीन के वुहान शहर की वैट मार्किट से कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी। माना जाता है कि यहां पर जानवरों से ही कोरोना वायरस इंसान में फैला और फिर इसने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। हालांकि इस महामारी के बाद चीन की सरकार को होश आया है और उन्‍होंने कुत्तों को खाने पर रोक लगाने का निर्णय किया है। चीन ने कृषि मंत्रालय द्वारा जारी किए गए नए दिशानिर्देशों के अनुसार, कुत्तों को अब पालतू जानवर बताया गया है, जबक‍ि पहले इसको पशुपालन की श्रेणी में रखा गया था।

चीन में अब कुत्ते के मांस के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की शुरुआत उस समय हो रही है, जब यहां के गुआंग्शी के दक्षिणी क्षेत्र में युलिन शहर में अत्यधिक विवादास्पद कुत्ते के मांस का त्योहार ‘यूलिन उत्सव’ मनाया जाने वाला है। चीन ने कृषि मंत्रालय ने पशुधन और मुर्गी पालन के नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसमें 17 पारंपरिक पशुधन प्रजातियां शामिल हैं। इनमें मवेशी, सूअर, मुर्गी, खरगोश और ऊंट शामिल हैं तबकि बारहसिंगा, अल्पाका, तीतर, शुतुरमुर्ग और लोमड़ी सहित 16 “विशेष प्रजातियों” को जोड़ा गया है। इस सूची के अनुसार, इन जीवों को भोजन, ऊन या फर के लिए पाल सकते हैं।

अपनी वेबसाइट पर एक नोटिस जारी करते हुए कृषि मंत्रालय ने कहा कि उन्‍होंने जानवरों की सूची पर जनता की राय ली, जिसमें ज्यादातर लोग सहमत हुए कि कुत्तों को पशुधन के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया जाना चाहिए। कुत्‍ते को इंसान का साथी माना जाता है, इसलिए उसको इस लिस्‍ट से बाहर कर दिया गया। इसमें कहा गया है कि कुत्तों को पालतू बनाने का एक लंबा इतिहास है, अतीत में उनका उपयोग घरों की रखवाली, शिकार और चरवाहे किया करते थे, अब उन्हें पालतू जानवरों के रूप देखा जाता है। वह खोज और बचाव का काम भी करते हैं, जिससे वह इंसान के काफी करीब हैं।

कोविड-19 महामारी के मद्देनजर जंगली जानवरों में व्यापार पर रोक लगाने के लिए चीन ने कृषि मंत्रालय ने खाने वाले जानवरों की यह नई लिस्‍ट बनाई है। दुनिया में कोरोनो वायरस फैलाने के लिए चमगादड़ को कारण माना जाता है, जिसको लेकर दुनिया में चीन के खिलाफ माहौल बना है। तब से, चीन ने तेजी से वन्यजीव व्यापार पर प्रतिबंध लगा दिया है और चीन के कई शहरों ने अपने नियमों का पालन किया है।

ह्यूमन सोसाइटी इंटरनेशनल, एक पशु कल्याण समूह, ने अनुमान लगाया कि चीन के कुत्ते के मांस के व्यापार के लिए प्रति वर्ष लगभग 10 मिलियन कुत्ते मारे जाते हैं। इस समूह के प्रवक्ता वेंडी हिगिंस ने चीन सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। हालांकि 2016 में समूह के एक सर्वेक्षण के अनुसार, चीन में ज्यादातर लोग कुत्तों को नहीं खाते हैं। लगभग 64 फीसदी चीनी नागरिक यूलिन उत्सव का अंत देखना चाहते हैं और आधे से ज्यादा सोचते हैं कि कुत्ते के मांस के व्यापार पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।

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