Friday, July 3, 2020

Coronavirus: नई रिसर्च में आया सामने कैसे कोरोना बदल रहा है रूप और लक्षण, अब ऐसे हो रही है मरीज की मौत

नई दिल्‍ली: चीन से निकलकर महामारी कोरोना ने दुनिया के सभी देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। वैज्ञानिक इसके बारे में दिन-रात जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं, लेकिन जैसे-जैसे किलर कोरोना डीकोड हो रहा है, इसके बारे में नई-नई जानकारियां सामने आ रही हैं। अमेरिका के अटलांटा प्रांत के अस्पतालों में कई मरीज ऐसे मिले हैं, जिनकी मौत शरीर में खून जमने से हुई। एक रिसर्च के मुताबिक, कोरोना वायरस शरीर की नसों पर प्रहार करता है।

कोरोना वायरस का कोहराम दुनियाभर के दो सौ से ज्यादा देशों में है। वैज्ञानिक लगातार इस किलर वायरस को डीकोड करने में लगे हुए हैं। इससे निपटने का उपाय खोजने में जुटे हैं। अब तक की रिसर्च के मुताबिक, कोरोना अपना आकार बदलता है, अपना रूप बदलता है, अपना लक्षण बदलता है और संक्रमित करने का तरीका बदलता है। बिल्कुल किसी मायावी की तरह। वैज्ञानिक और रिसर्चर जब तक इसके एक रूप के बारे में किसी नतीजे तक पहुंचते हैं तो यह अपना रूप और लक्षण बदल लेता है।

स्विटजरलैंड की ज्यूरिख यूनिवर्सिटी कि नई रिसर्च के मुताबिक,

  • कोरोना वायरस शरीर के हर हिस्से में खून पहुंचाने वाली नसों पर हमला कर रहा है।
  • धमनियों को संक्रमित करके शरीर के किसी भी अंग तक पहुंच सकता हैं।
  • ये किलर वायरस नसों के रास्ते जान पर भारी पड़ सकता है।

रिसर्च के मुताबिक, ये वायरस नसों की ऊपरी सतह पर हमला करता है। मेडिकल भाषा में इस हिस्से को एंडोथीलियम कहा जाता है। किलर वायरस नसों से होता हुआ अदृशय दुश्मन की तरह काम शुरू करता है। ऐसे में शरीर में खून का बहाव घटता है और शरीर के एक हिस्से में खून जमा होने लगता है।

नई रिसर्च के मुताबिक,

  • कोरोना वायरस सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं जकड़ता है।
  • शरीर के दूसरे अंगों को भी चपेट में लेने की कोशिश करता है।
  • हाई ब्लडप्रेशर और दिल के मरीजों को कोरोना संक्रमण का खतरा ज्यादा रहता है।
  • कोरोना दिल, किडनी, आंत और फेफड़ों को जकड़ चुका है।

अमेरिका के अटलांटा में 10 अस्पतालों में ऐसे केस आए, जिसमें शरीर के अंदर खून जमने से लोगों की मौत की ख़बर आई। डॉक्टर ये नहीं समझ पा रहे हैं कि मरीजों के शरीर में ऐसा क्यों हो रहा है? अमेरिकी अख़बार द वॉशिंगटन पोस्ट ने अटलांटा के 10 अस्पतालों के ICU हेड डॉ. क्रेग कूपरस्मिथ के हवाले से लिखा है कि किसी अस्पताल में खून जमने से 20 फीसदी मरीजों की मौत हुई तो कहीं 30 और कहीं 40 फीसदी। यह संकट तेजी से बढ़ रहा है। इसे रोकने का हमारे पास कोई तरीका नहीं है।

रिसर्च के मुताबिक, पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा बहुत अधिक है। इससे पहले चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर प्रो. लांजुआन का दावा है कि उन्होंने कोरोना वायरस का सबसे खतरनाक स्ट्रेन खोजा है। प्रो. लांजुआन का दावा है कि कोरोना वायरस में खुद को तेजी से बदलने की क्षमता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

कोरोना वायरस को ध्यान में रखते हुए इंग्लैंड के क्रिकेटरों ने जश्न का निकाला नया तरीका, खूब हो रहा वायरल

प्रदीप सहगल, नई दिल्लीः कोरोना वायरस की वजह से क्रिकेट के नियमों में काफी बदलाव किए गए हैं। इस वायरस की वजह से खिलाड़ियों...

MPBSE MP Board 10th result 2020: कल इस समय जारी होगा कक्षा 10वीं का रिजल्ट, mpbse.nic.in पर ऐसे करें चेक

MPBSE MP Board 10th result 2020: मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) यानि एमपी बोर्ड द्वारा आयोजित 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों...

Trailer: वर्जिन भानुप्रिया का ट्रेलर आउट, अजीब बीमारी से जुझती दिखीं उर्वशी

मुंबई। लॉकडाउन में ज़िंदगी जैसे रुक सी गई थी, लेकिन अनलॉक 1 के लागू होने के बाद से ही हर किसी ने राहत की...

10वीं-12वीं पास के लिए निकलीं होमगार्ड में सिपाही की बंपर भर्ती, इस तारीक तक करें आवेदन

नई दिल्लीः कोरोना वायरस का कहर को देखते हुए सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन लागू कर रखा है, जिसके बाद अब थोड़ी-थोड़ी गतिविधियों को चलाने...