Tuesday, June 2, 2020

चीन ने अमेरिका और भारत के खिलाफ रची बड़ी साजिश, युद्ध की तरफ बढ़ाए कदम

2020 में सारी दुनिया अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष कर रही है, लेकिन चीन ने इस नाज़ुक मौक़े पर भी अपनी रक्षा नीति को ख़तरनाक तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की है।

नई दिल्‍ली: अपनी चालाकियों और बड़ी साज़िशों के लिए बदनाम हो चुके चीन ने एक और ख़तरनाक चाल चली है। जिस चीन पर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप है और इस आरोप को लेकर वो दुनियाभर के निशाने पर है, तो अब उसने इससे ध्यान हटाने के लिए बजट वाला धोखा दिया है। कोरोना की वजह से विश्व भर में जारी आर्थिक मंदी के दौर में चीन ने अपना रक्षा बजट बढ़ाकर पेश किया है यानि चीन इस दौर में भी अपनी सैन्य ताक़त और बढ़ाएगा।

ये अमेरिका और भारत दोनों के लिए बड़ी साज़िश का संकेत हो सकते हैं, क्योंकि चीन के बारे में कहा जाता है कि वो अपना रक्षा बजट जितना दिखाता है, असल में उससे कहीं ज़्यादा ख़र्च करता है। 2020 में सारी दुनिया अपनी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष कर रही है, लेकिन चीन ने इस नाज़ुक मौक़े पर भी अपनी रक्षा नीति को ख़तरनाक तरीके से आगे बढ़ाने की कोशिश की है।

चीन ने रक्षा बजट 1.4 अरब डॉलर बढ़ाया

  • चीन अपने रक्षा बजट में 2019 के मुक़ाबले 6.6 फ़ीसदी की बढ़ोत्‍तरी की है
  • 2019 में चीन का रक्षा बजट 177.6 अरब डॉलर था
  • 2020 में चीन ने रक्षा बजट 179 अरब डॉलर कर दिया
  • 2019 के मुक़ाबले 2020 में 1.4 अरब ज़्यादा ख़र्च करेगा
  • चीन का रक्षा बजट भारत से 3 गुना बड़ा है
  • चीन का रक्षा बजट अमेरिका के बाद दूसरे नंबर पर है

ख़बरों के मुताबिक, जारी किए गए राष्ट्रीय बजट में चीन ने रक्षा क्षेत्र में खर्च के लिए 12.68 खरब यूआन यानी 179 अरब डॉलर ख़र्च करने का प्रावधान दिखाया है। हालांकि, कोरोना वायरस के कारण अर्थव्यवस्था में भारी गिरावाट की वजह से हाल के कुछ वर्षों में की गई ये सबसे कम बढ़ोतरी है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ न्यूज़ ने बताया कि लगातार पांचवें साल चीन ने अपने रक्षा बजट में 10 प्रतिशत से कम की बढ़ोतरी की है।

चीन की वार्षिक संसदीय बैठक में प्रधानमंत्री ली केचियांग ने कहा, ”महामारी की वजह से देश अनिश्चितता के बीच फंसा है। हमारी अर्थव्यवस्था बुरे दौर का सामना कर रही है। अर्थव्यवस्था को सरकारी मदद से बेहतर बनाया जाएगा। आने वाले कुछ वक्त में आर्थिक विकास के टारगेट के बारे में कुछ भी कहना मुश्किल होगा। हम राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना में सुधार का काम जारी रखेंगे। हम अपनी लॉजिस्टिक्स और इक्विपमेंट सपोर्ट क्षमता बढ़ाएंगे और साथ ही रक्षा से जुड़ी आधुनिक तकनीक भी अपनाएंगे।”

ऐसा पहली बार है जब चीन ने आर्थिक विकास के लिए कोई टारगेट तय नहीं किया है, लेकिन रक्षा बजट को लेकर चीन ने जो किया है, वो भारत के लिहाज़ से चिंता का विषय हो सकता है।

चीन रक्षा बजट में कुछ छिपा रहा है?
चीन को लेकर सारी दुनिया ये जानती है कि वो रक्षा क्षेत्र के बजट के तौर पर हमेशा से मोटा आंकड़ा पेश करता रहा है। लेकिन दुनिया को ये भी पता है कि वो कितना ख़र्च करेगा, इसकी पूरी जानकारी बजट में नहीं होती। राजनयिक और विदेशी मामलों के एक्सपर्ट मानते हैं कि चीन असल में आंकड़ों को कम करके दिखाता है।

दरअसल, दुनिया की नज़रों में धूल झोंकने के लिए चीन पिछले कई साल से रक्षा बजट में छोटी-छोटी बढ़ोत्‍तरी कर रहा है। वो ऐसा इसलिए करता है, ताकि उस पर कोई सवाल ना उठा सके और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में उसके ख़िलाफ़ सैन्य ताक़त या दबदबे को लेकर कोई सवाल ना उठ सके। जबकि हक़ीक़त ये है कि चीन का वास्तविक रक्षा बजट घोषित बजट से ज़्यादा होता है।

चीन के रक्षा बजट की लुका-छिपी का खेल समझने के लिए अमेरिका का रुख़ करना होगा। दरअसल, 2020 का चीन का रक्षा बजट 2019 के अमेरिकी रक्षा बजट का एक चौथाई है। पिछले साल अमेरिकी रक्षा बजट 686 अरब डॉलर था। माना जाता है कि चीन लंबे समय से रक्षा क्षेत्र में निवेश को लेकर अमेरिका की बराबरी करना चाहता है।

अगर देखा जाए तो दक्षिण एशिया में चीन को चुनौती देने वाला कोई नहीं है। पाकिस्तान से उसकी दोस्ती है। भारत के साथ राजनयिक और व्यापारिक रिश्ते काफ़ी मज़बूत हैं। लेकिन, चीन सीमाओं से लेकर सरहद के अंदर तक भारत के ख़िलाफ़ साज़िशें करने से बाज़ नहीं आता। इसलिए चीन को लगातार अपनी सैन्य ताक़त बढ़ानी पड़ रही है। क्योंकि, वो ऐसा करके भारत पर कूटनीतिक और सामरिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। चीन के रक्षा बजट के बहाने उसकी सैन्य नीति और कूटनीति के बारे में भी ज़रूर ख़बर रखनी चाहिए।

  • चीन के पास 20 लाख सैनिकों वाली सबसे बड़ी फौज है
  • चीन का सैन्य निवेश उसकी घोषणाओं के मुकाबले ज़्यादा होता है
  • आधुनिक हथियारों में निवेश को चीन काफ़ी हद तक छिपाता है
  • चीन आसपास के क्षेत्र में लगातार सैन्य ताक़त बढ़ा रहा है
  • चीन ज़मीन से आसमान तक तीनों स्तर पर घुसपैठ करता है
  • कई विवादित जगहों पर सड़क निर्माण करता है
  • भारत के साथ बॉर्डर एरिया में कई निर्माण किए हैं
  • समुद्री सीमा में अक्सर भारत की जासूसी करता है
  • कई बार चीनी हेलीकॉप्टर भारतीय सीमा में घुसे
  • चीन आकाश, ज़मीन और जल मार्ग पर दबदबा चाहता है
  • इसलिए भारत के साथ हर मोर्चे पर उसकी भिड़ंत होती है
  • रक्षा बजट बढ़ाने के पीछे भारत पर सैन्य दबाव की नीति है

हालांकि, कोरोना वाले दौर में चीन ने रक्षा बजट बढ़ाकर अमेरिका को भी पैग़ाम देने की कोशिश की है। क्योंकि कोरोना वायरस की वजह से अमेरिका अब उससे काफ़ी नाराज़ है। ऐसे में चीन शायद अपना रक्षा बजट थोड़ा-थोड़ा बढ़ाकर ये दिखाने की कोशिश कर रहा है, कि वो सैन्य ताक़त में कोई समझौता नहीं करेगा। लेकिन चीन को ये नहीं भूलना चाहिए कि सिर्फ़ रक्षा बजट बढ़ाकर ही कोई देश सुपरपावर और महान नहीं बन सकता।

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