Thursday, July 9, 2020

कोरोना काल में चौंकाने वाली खबर! भारत के इस इलाके में पाया गया एलियंस का हवाई अड्डा

नई दिल्ली। कोरोना काल में दुनिया को चौंकाने वाली खबर भारत के अक्साई चिन इलाके से आयी है। कहा जा रहा है कि इस इलाके में एलियंस ने अपना ठिकाना बना रखा है। एलियंस ने इस इलाके में अपना एयरबेस भी बना रखा है। एलियंस यहां पर आते हैं और न केवल भारत और चीन बल्कि दुनिया के बाकी देशों की गतिविधियों पर यहीं से नजर रख रहे हैं। ऐसा दावा किया जा रहा है कि अभी कुछ दिन पहले भी एलियंस का जहाज कोंगका ला दर्रे के ऊपर मण्डारते हुए देखा गया है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस ब्रह्माण्ड में मनुष्यों से ज्यादा विकसित और बुद्धिमान कोई दूसरा प्राणी नहीं है। इसी के साथ यह भी कहा है कि एलियंस के बारे में खोज और शोध को खत्म नहीं किया जा सकता। एलियंस पर शोध करने वाले वैज्ञानिक एनडर्स सैंडबर्ग, एरिक ड्रेक्‍सलर और टॉड ऑर्ड ने कहा है कि अगर पृथ्वी पर कहीं एलियंस मिलते हैं तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

एलियंस के बारे में  तमाम र‍िसर्च हुईं और कई न‍िष्‍कर्ष आए लेकिन इनपर बातचीत का स‍िलसिला कभी थमा नहीं। भारत-चीन सीमा को तो एलियंस का एयरपोर्ट भी कहा जाता है। दुनिया में कई और जगहों पर एलियंस देखने की बात कही गयी है। लेकिन भारत-चीन सीमा एलियंस का हॉट स्‍पॉट माना जाता है। इस जगह पर कई बार पहाड़ के ऊपर एलियंस के शटल यान को उड़ते हुए देखे जाने का दावा क‍िया जाता है। कई बार कुछ तस्‍वीरें भी वायरल हुई हैं। हालांकि ये क‍ितना सच है अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। भारत-चीन सीमा पर स्थित कोंग्का ला दर्रा एक व‍िवादित जगह है। इस दर्रे को भी एलियंस का ठिकाना माना जाता है। इस इलाके में किसी भी व्यक्ति के जाने पर प्रतिबंध है।

यह भारत के लद्दाख का हिस्सा मानता है। चीन इस इलाके पर जबरन कब्जा करना चाहता है। भारत ने विवाद को सुलझाने की दृष्टि से चीन के साथ एक समझौता किया है। इस समझौते के तहत भारत और चीन दोनों ही देशों की सेना इस जगह पर पेट्रोलिंग नहीं करती है। इसके साथ ही इस जगह पर आम लोगों के आने-जाने पर भी पाबंदी है। कोंग्‍का ला दर्रा को एलियंस का एयरपोर्ट माना जाता है। इसके आस-पास रहने वाले लोगों ने कई बार दावा क‍िया है कि उन्‍हें यहां अधिकतर यूएफओ द‍िखाई देती है। यही वजह है इस जगह को एलियंस का एयरपोर्ट कहा जाता है। साल 2006 में भी भारतीय वैज्ञानिकों ने कोंग्‍का ला में खोज की थी। बताया जाता है क‍ि उस दौरान उन्‍हें वहां पर रोबॉट जैसा कुछ नजर आया था। हालांकि जब तब वह उस पहाड़ी पर पहुंचे वह अदृश्‍य हो गया। ऐसी ही एक अन्‍य घटना पैंगॉग लेक के आस-पास देखी गयी है। इसका एक हिस्सा भारत के कब्जे में है और दूसरा चीन के कब्जे में है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

Most Popular

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 7 लाख 67 हजार के पार, अबतक 21000 से ज्यादा लोगों की जा चुकी है जान

नई दिल्ली: चीनी वायरस कोरोना (Coronavirus) यानी कोविड 19 (Covid 19) के संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए देश में 24 मार्च से...

BIG BREAKING: विकास दुबे उज्‍जैन में गिरफ्तार

नई दिल्‍ली: कानुपर के बिकरू गांव से 8 पुलिसकर्मियों की हत्‍या के बार फरार विकास दुबे को उज्‍जैन में गिरफ्तार कर लिया गया है।...

रेलवे में निजीकरण के आरोप पर बचाव में आये रेल मंत्री, कहा- इससे रोजगार के मौके और यात्री सुविधा बढ़ेगी

कुन्दन सिंह, नई दिल्ली: रेल मंत्रालय के द्वारा 109 रूट्स पर 151 प्राइवेट ट्रेन चलाए के निर्णय से उठे निजीकरण के सवाल के जवाब...

एक दूल्हे ने दो दुल्हनों से की शादी, दोनों हैं प्रेमिका

बैतूल: बैतुल जिले की घोडाडोंगरी ब्लॉक में केरिया गांव में युवक ने एक मंडप में अपनी दो प्रेमिकाओं के साथ सात फेरे लिये। इस...