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अंतिम संस्कार पर अनोखा स्टार्टअप; रोने वाली महिलाएं चाहिए या सिर मुंडवाने वाले लोग, सबके रेट फिक्स

Funeral Last Rights Business Startup: रोने वाली महिलाएं चाहिए या सिर मुंडवाने वाले लोग, मुखाग्नि दिलानी है या अर्थी सजवानी है, बस इस कंपनी के नंबर पर कॉल कीजिए, सब कुछ मिल जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग कराओ, पैसे भरो, मौके पर लोग पहुंच जाएंगे। जी हां, देश में अंतिम संस्कार कराने वालों का एक स्टार्टअप भी चल रहा है।

Edited By : Khushbu Goyal | Updated: Mar 3, 2024 16:27
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हिंदू और मुस्लिम दोनों रीति रिवाजों से संस्कार कराने वाला बिजनेस स्टार्टअप शुरू हुआ है।

sFuneral Last Rights Business Startup (लोकेश व्यास, जोधपुर): आजकल के युवाओं में ऑनलाइन बिजनेस स्टार्टअप का क्रेज काफी बढ़ गया है। 4 से 5 क्लिक करके मनपसंद चीज ऑर्डर करो और 2 से 3 दिन वह घर पहुंच जाती है। खाना हो या ज्वेलरी, कपड़े हों या जूते, शेरवानी हो या लहंगे, सब्जी हो या दवाइयां, सैनिटरी पैड से लेकर बच्चों के डायपर तक घर डिलीवर हो जाते हैं।

एक कॉफी से लेकर पेस्ट्री तक घर बैठे पहुंच जाती है, लेकिन कभी रोने के लिए महिलाएं और सिर मुंडवाने के लिए लोग ऑनलाइन ऑर्डर किए हैं। जी हां, देश में अंतिम संस्कार कराने को लेकर भी एक स्टार्टअप है, जहां मैयत पर रोने वाली महिलाएं और सिर मुंडवाने वाले लोग आसानी से ऑर्डर पर मिल जाते हैं। बस ऑर्डर करो, पैसे भरो, मौके पर लोग पहुंच जाएंगे।

 

अमीरों से पैसे वसूलते, गरीबों की फ्री सेवा करते

राजस्थान के जोधपुर में यह मामला सामने आया। एक NRI बेटे ने पिता की मौत से पहले रोने वाली महिलाओं और सिर मुंडवाने वाले लोगों की ऑनलाइन बुकिंग कराई है। यह बिजनेस जोधपुर के एक शख्स गजेंद्र पारीक (47) ने शुरू किया है, जो 60 हजार से 1.50 लाख रुपये में लोगों को सर्विस प्रोवाइड कराते हैं और गरीबो की फ्री सेवा करते हैं।

जब स्टार्टअप के बारे में पता चला तो एक शख्स ने NRI फैमिली मेंबर बनकर कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल किया। किसी परिचित के अंतिम संस्कार के लिए 7 लोगों की जरूरत बताते हुए कहा कि रोने से लेकर मुंडन तक सारा काम करवाना है, कितने पैसे लगेंगे?

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हिंदू-मुस्लिम दोनों रिवाजों से उपलब्ध कराते सर्विस

कंपनी कर्मचारी ने बताया कि अभी उनके पास केवल 5 मेंबर ही उपलब्ध हैं। एक टीम अभी शहर में सर्विस देने गई है। उन्होंने हर सर्विस का पैकेज डिस्कस किया और एड्रेस मांगा। यकीन होने के बाद जोधपुर के राइकाबाग स्थित ‘अंतिम सत्य’ कंपनी के ऑफिस पहुंचे और उन्हें अपनी पहचान बताई तो उन्होंने इस अनोखी सर्विस की शुरुआत की कहानी बताई।

आपको विश्वास हो न हो, लेकिन जोधपुर का ‘अंतिम सत्य’ नाम का स्टार्टअप अस्पताल से शव लाने, अर्थी सजाने, आखिरी स्नान कराने, अंतिम संस्कार से लेकर, मुंडन कराने तक की सर्विस देता है। इतना ही नहीं, परिवार में रोने वाले न हों तो वह भी उपलब्ध कराते हैं। हिंदू हो या मुस्लिम, दोनों की रीतियों के हिसाब से स्टार्टअप सर्विस देता है।

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कंपनी कर्मचारी से ऐसे हुई फोन पर बातचीत

फोन कॉल 1: हमारे पड़ोसी बहुत बीमार हैं, कभी भी उनका निधन हो सकता है। उनका बेटा अमेरिका में है, वह अंतिम संस्कार के लिए नहीं आ सकता। आपकी कंपनी अंतिम संस्कार कराने का क्या चार्ज लेगी? मुखाग्नि भी आपके स्टाफ को देनी होगी।

फोन कॉल 2: मैं मुंबई में बिजनेस करता हूं। पिता की मौत हो गई है। हमारे परिवार में कोई भी केशदान नहीं करना चाहता। क्या आपकी कंपनी के 10 लोग मेरे पिता के लिए सिर मुंडवा लेंगे? क्या चार्ज लगेगा?

फोन कॉल 3: मेरी मां की मौत हो गई है? क्या आप 5 महिलाएं और 5 पुरुष रोने के लिए भेज सकते हैं? एक दिन के लिए बुलाएंगे तो क्या चार्ज होगा और 12 दिन का क्या चार्ज होगा?

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First published on: Mar 03, 2024 04:21 PM

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