Madhya Pradesh News (अजयारविंद नामदेव): आधुनिकता के इस दौर में मोबाइल लोगों के जीवन का एक हिस्सा बन चुका है, ऐसे में अगर मोबाइल गुम हो जाए तो वो पागल ही हो जाते हैं। ऐसे ही शहडोल में लगभग 15 लाख की कीमत के 165 लोगों के गुम हुए मोबाइल को शहडोल पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आसपास के जिलों के अलावा कई राज्यों से ढूंढ निकाला और महाशिवरात्रि पर्व पर उनके गुम हुए मोबाइल देकर उनके चेहरे पर एक बार फिर खुशी लौटा दी। मध्य प्रदेश की शहडोल पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइलों को खोजने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अलग-अलग कंपनी के करीब 15 लाख रुपए कीमत के 165 मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंपे।
अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों ने की थी शिकायत
जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लोगों ने मोबाइल गुम होने की शिकायत की थी। इस संबंध में साइबर सेल की मदद से पुलिस के द्वारा गुम मोबाइलों को आसपास के जिलों के अलावा छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र सहित अन्य राज्यों से ट्रेस किया जा रहा था। जहां-जहां भी ऐसे मोबाइल की लोकेशन मिली, पुलिस वहां पहुंची और मोबाइल फोन को बरामद किया।
शहडोल पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल लोगों का विश्वास जीता, बल्कि पुलिस के प्रति सकारात्मक छवि भी बनाई। मोबाइल लौटाने के दौरान कई लोगों के चेहरों पर मुस्कान दिखी, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि उनकी मेहनत रंग लाई है। एसपी राम ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी पुलिस गुमशुदा सामान की बरामदगी के लिए पूरी ईमानदारी से काम करेगी।
डिजिटल खोया-पाया केंद्र बना मददगार
वहीं, महाकुंभ मेला प्रयागराज में स्थापित डिजिटल खोया-पाया केंद्रों ने 20,000 से ज्यादा बिछड़े लोगों को उनके अपनों से मिलाने में मदद की है। यूपी सरकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। मेला प्राधिकरण के अनुसार, डिजिटल खोया-पाया केंद्रों की मदद से महाकुंभ मेला शुरू होने के बाद से अब तक 20,144 बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने का काम किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं मिली हैं।
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