इंदौर के सरकारी लॉ कॉलेज में पढ़ाया जा रहा है हिंदू विरोधी जिहादी पाठ! ABVP का हंगामा, लगाए गंभीर आरोप

Indore का गवर्नमेंट लॉ कॉलेज विवादों में है। शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय में कुछ शिक्षकों पर एबीवीपी और छात्र छात्राओं ने हंगामा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

विपिन श्रीवास्तव, इंदौर: इंदौर का गवर्नमेंट लॉ कॉलेज विवादों में है। शासकीय नवीन विधि महाविद्यालय में कुछ शिक्षकों पर एबीवीपी और छात्र छात्राओं ने हंगामा करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों में कहा गया है कि छात्राओं को कॉलेज टाइम के बाद बाहर चलने और पब रेस्टोरेंट में आने के लिए कहा जाता है। इतना ही नहीं कॉलेज के प्रोफेसर हिंदू छात्राओं को लव जिहाद के लिए उकसाते हैं साथ ही मुस्लिम छात्रों से कमिटमेंट करने के लिए कहते हैं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं।

आरोप है कि गेस्ट फैकल्टी कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं पर मुस्लिम छात्रों के साथ पब रेस्टोरेंट में जाने के लिए दबाव बनाते हैं। ऐसा ना करने वाले छात्रों के नंबर काट दिए जाते हैं या फिर उन्हें फेल कर दिया जाता है। पूरे मामले में एबीवीपी FIR कराने की बात कर रहा है।

6 अध्यापकों पर जांच के आदेश

तमाम विरोध के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने 6 अध्यापकों पर जांच के आदेश दिए हैं। इस पूरे मामले में जब कॉलेज प्रबंधन से बात की गई तो कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर रहमान ने कहा कि जिन छात्रों ने यहां हंगामा किया है वो बाहर के छात्र हैं। कॉलेज के नहीं है। जिन अध्यापकों की शिकायत छात्र कर रहे हैं वो छात्र क्लास में नहीं पढ़ते हैं, लेकिन इस पूरे मामले में शिकायत हुई है। उन छात्रों की शिकायत के बाद 6 अध्यापकों को 5 दिन के लिए कॉलेज आने से मना किया है। पूरे मामले की जांच कराई जा रही है।

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एक किताब पर भी हुआ विवाद

इस लॉ कॉलेज में अकेला एक विवाद नहीं है बल्कि अब एक किताब ने लॉ कॉलेज प्रबंधन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एलएलएम के कोर्स की सामूहिक हिंसा एवं दाण्डिक न्याय पद्धति नाम की ये किताब कॉलेज की लाइब्रेरी में उपलब्ध है। जिसपर लेखक का नाम डॉ फरहत खान लिखा है। इस किताब में सीधे तौर पर हिंदू और हिंदू संगठनों की आतंकवादियों से तुलना की गई है।

हिंदू सांप्रदायिकता हिंसा का कारण

किताब का अध्याय 5 – सामुदायिक हिंसा में लिखा है- सांप्रदायिक हिंसा के प्रमुख कारणों में हिंदू सांप्रदायिकता एक प्रमुख कारण है। सांप्रदायिक हिंसा के कारण नामक चैप्टर में लिखा गया है कि राजनैतिक स्थिरता और राष्ट्रीय अखंडता का संकट उत्पन्न हो गया है, हिंदू संप्रदायवाद विध्वंस कारी विचारधारा के रूप में उभर रहा है। विश्व हिंदू परिषद जैसा संगठन हिंदू बहुमत का राज्य स्थापित करना चाहता है और दूसरे समुदाय को शक्तिहीन बनाकर गुलाम बनाना चाहता है। किसी भी बर्बरता के साथ हिंदू राज्य की स्थापना को उचित ठहराता है। हिंदुओं ने हर संप्रदाय से लड़ाई का मोर्चा खोल रखा है।

जांच की जाएगी

इस तरह की तमाम बातें इस किताब में लिखी गई हैं। किताब में लिखा गया है बिहार , उत्तर प्रदेश और दक्षिण में हिंदुओं द्वारा दलित और आदिवासियों का लाखों की संख्या में कत्लेआम किया जा चुका है। इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर इनामुर्रहमान ने ऐसी किताब की जानकारी न होने की बात कही है। हालांकि ये भी कहा है कि अगर ऐसा कुछ है जो इसकी जांच की जाएगी।

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