यहां पर 24 लाख लोग भूखे रहने को मजबूर

हरारे (6 फरवरी): जिम्बाब्वे में सूखा पड़ने के बाद वहां के राष्‍ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे ने इमरजेंसी घोषित की दी है। देश की एक तिहाई आबादी यानी 24 लाख लोग भूखे मर रहे हैं। ऐसे में सरकार ने पड़ोसी देश जाम्बिया से मक्का इम्पोर्ट कराने का ऑर्डर दे दिया है।

बीते साल कम बारिश के कारण देश में खेती को बहुत नुकसान पहुंचा है। वहीं, हजारों मवेशियों की मौत के बाद हालात और बदतर हो गए। मुगाबे सरकार ने इमरजेंसी का फैसला यूरोपियन यूनियन (ईयू) के कहने पर लिया। उसने कहा था कि ऐसा करने से डोनर्स के जरिए ज्यादा फंड इकट्‌ठा किया जा सकता है। यूनाइटेड नेशन्स वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के मुताबिक, दक्षिणी अफ्रीकी इलाके में 1.4 करोड़ लोग भूख का सामना कर रहे हैं। वहीं, साउथ अफ्रीका, नामीबिया, बोत्सवाना भी सूखे की चपेट में है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिम्बाब्वे में विक्टोरिया फॉल्स से बुलावायो शहर की ओर जाते हुए हालत एकदम सामान्य लगते हैं। लेकिन हवांगे शहर से 100 किलोमीटर दूरी के बाद ग्रीनरी गायब हो जाती है। सब जगह सूखा पड़ा है। कई पुलों से गुजरने के बाद भी पानी और नदी का नामोनिशान तक नहीं है। कई इलाकों में मवेशी खासकर गाय पानी की तलाश में भटकती दिखाई देती हैं। बड़े-बड़े मैदानों में मवेशियों की डेड बॉडीज दिखाई देती हैं। कई गांव के लोग अपने मवेशियों को लेकर ऐसे इलाकों में चले गए हैं, जहां बेहतर चारागाह हैं।