डरा जाकिर नाईक, खुद को बेगुनाह साबित करने में लगा

सिद्धांत मिश्रा, मुंबई (11 जुलाई): माना जाता है कि ज़ाकिर नाईक अपना हर काम पूरी प्लानिंग से करता है। ज़ाहिर है ऐसे में गिरफ्तारी से डरा ज़ाकिर सोच-समझकर कदम उठा रहा है। सभी की नज़रें इस पर टिकी हुई हैं कि आखिर ज़ाकिर के आने के बाद क्या होगा।

ज़ाकिर नाईक बेशक अब तक भारत वापस न लौटा हो, लेकिन उसने अपने संगठन के ज़रिए अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए हाथ-पैर मारना शुरु कर दिया है। ज़ाकिर नाईक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की तरफ़ से एक प्रेस रिलीज़ जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि उसे ग़लत तरीके से पेश किया गया।

ज़ाकिर की सफाई: 3 जुलाई 2016 को The Daily Star में छपी खबर के आधार पर सभी भारतीय न्यूज़ चैनल और न्यूज़पेपर डॉ ज़ाकिर नाईक को ये कहकर बदनाम कर रहे हैं कि ढाका हमले के कुछ आतंकवादी डॉक्टर ज़ाकिर नाईक से प्रभावित थे। जबकि 9 जुलाई 2016 को The Daily Star ने अपनी सफाई में कहा था कि उसने ऐसी कोई ख़बर प्रकाशित नहीं की जिसमें कहा गया था कि आतंकी डॉक्टर ज़ाकिर नाईक से प्रभावित थे। साथ ही इस बात की सफाई भी दी कि The Daily Star अपनी ख़बर पर कायम है कि मलेशिया में डॉक्टर ज़ाकिर नाईक पर बैन था जबकि सच्चाई ये नहीं है।

आखिर में The Daily Star ने सफाई में ये भी छापा कि उसे ज़ाकिर नाईक के बारे में ये सब छापने पर खेद है। जबकि The Daily Star की ओर से सफाई में कहा गया कि उसने अपनी रिपोर्ट में छापा था कि ढाका पर हमला करने वाले आतंकियों में से एक ने फेसबुक पर डॉक्टर नाईक के उस भाषण का ज़िक्र किया था जिसमें उसने हर मुसलमान से आतंकी बनने की अपील की थी।

अब ज़ाकिर नाईक कई लोगों के निशाने पर आ गया है। यहां तक कि कई मुस्लिम धर्मगुरु भी इस स्वयंभू स्कॉलर पर सवाल उठा रहे हैं। ज़ाकिर के साथ पहले काम करने वाले भी कह रहे हैं कि ज़ाकिर किसी की मदद नहीं करता। अब ज़ाकिर नाईक के भारत आने का इंतज़ार हो रहा है और हर तरफ से ज़ाकिर को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।