6 साल बाद शतक बनाने के बाद मैदान पर ही रो पड़े युवराज, देखें तस्वीर

कटक (19 जनवरी): भारत के हड़फनमौला क्रिकेट युवराज सिंह ने 6 साल बाद टीम इंडिया में शानदार तरीके से वापसी की। पुणे में खेले गए पहले में असफल रहने के बाद कटक में युवराज सिंह का बल्ला जमकर बोला। युवराज सिंह ने कटक में न सिर्फ शतक ठोका, बल्कि अपने वनडे करियर में पहली बार 150 रन बना डाले। शतक बनाने के बाद कुछ देर के लिए युवराज मैदान पर ही भावुक गए। उनके आंखों से आंसू निकल आए।

 

मैदान से लौटने पर युवराज सिंह ने अपनी 150 रनों की इस पारी को अपने 16 साल के अंतरराष्ट्रीय कैरियर की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक करार दिया। उन्होंने कहा कि ये मेरी सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक है। पिछली बार जब मैंने शतक लगाया था, वह 2011 विश्व कप था। मैं अपनी पारी से बहुत खुश हूं। हम एक साझेदारी निभाने की कोशिश कर रहे थे। मैं ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहता था इसलिये हवा में शाट नहीं खेलना चाहता था।

मैं पूरे घरेलू सत्र में गेंद को अच्छी तरह हिट कर रहा था। युवराज ने कहा कि उन्होंने बल्लेबाजी कोच संजय बांगड़ को बताया था कि वह बड़े शाट खेलेंगे। उन्होंने कहा कि मैंने संजय बांगड़ से बात की थी, मैंने उन्हें बताया था कि जिस तरह से मैं गेंद को हिट कर रहा हूं, मैं बड़े शाट लगाउंगा। पांच क्षेत्ररक्षकों के नियम से, मिड ऑन, मिड ऑफ पर खिलाड़ी आगे खड़े रहते हैं, पहले 10 ओवरों के बाद तेज गेंदबाजों के लिये विकेट इतना मददगार नहीं था।

उन्होंने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की प्रशंसा की जिन्होंने उन्हें शतक बनाने में मदद की। युवराज ने कहा कि धोनी भारत के लिये सनसनीखेज कप्तान रहे हैं। जब माही कप्तानी नहीं कर होता तो वह खुलकर बल्लेबाजी करेगा। उम्मीद है कि अगर हम शुरूआती विकेट हासिल कर लेंगे तो हम मैच जीत सकते हैं।

युवराज ने अपने करियर का सर्वोच्च स्कोर बनाया। इससे पहले उनका उच्चतम स्कोर 139 रन था जो उन्होंने 2004 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में बनाया था। युवराज और धोनी ने चौथे विकेट के लिये 256 रन जोड़े जो इंग्लैंड के खिलाफ किसी भी टीम की तरफ से नया रिकार्ड है। यह वनडे में चौथे विकेट के लिये दूसरी बड़ी साझेदारी तथा भारत और इंग्लैंड के बीच किसी भी विकेट के लिये सबसे बड़ी भागीदारी है। इन दोनों ने वनडे में दसवीं बार शतकीय साझेदारी निभायी। यह पांचवीं भारतीय जोड़ी है जिसने वनडे में दस या इससे अधिक शतकीय साझेदारियां निभायी हैं। सौरव गांगुली और तेंदुलकर ने सर्वाधिक 26 शतकीय साझेदारियां निभायी हैं।