कॉलेज ड्रॉपआउट बन गई 238 अरब की मालकिन, कंपनी जांच के घेरे में

नई दिल्ली (21 अप्रैल) :  उसने 19 साल की उम्र में कॉलेज की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। आज 31 साल की उम्र में वो अरबपति कारोबारी है। उसके खुद के नाम इस वक्त 3.6 अरब डॉलर यानी करीब 238 अरब रुपए की संपत्ति है। उसे फोर्ब्स मैगजीन ने दो साल पहले 'दुनिया की सबसे युवा सेल्फमेड महिला अरबपति'  बताया था। ये महिला थेरानॉस मेडिकल टेस्टिंग कंपनी की सीईओ एलिज़ाबेथ होम्स हैं।

12 साल पहले स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ड्रॉपआउट करने वालीं एलिज़ाबेथ होम्स की कंपनी थेरानॉस इस वक्त जांच के घेरे में हैं। कंपनी की ओर से एक बयान में कहा गया है कि वह यूएस सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन और नार्दन डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैरोलिना के यूएस अटॉर्नी ऑफिस की जांच के घेरे में है।  

एबीसी न्यूज़ के मुताबिक कैलिफोर्निया के पालो आल्टो में स्थित कंपनी थेरोनॉस की वैल्यू एक वक्त में 9 अरब डॉलर (594 अरब डॉलर) आंकी गई थी। जांच के घेरे में आने के बाद कंपनी की वैल्यू घट गई है। इस कंपनी के आधे शेयर होम्स के पास हैं। फोर्ब्स के मुताबिक होम्स के नाम अब भी 3.6 अरब डॉलर (238 अरब रुपए) की संपत्ति है। इस कंपनी ने खुद को ये कह कर प्रचारित किया कि वो ख़ून की जांच के ऊंगली से प्रिक के ज़रिए दूसरी लैब्स की तुलना में बहुत कम खून की मात्रा लेती है। साथ ही कंपनी कम खर्च में ये टेस्टिंग उपलब्ध कराती है।

थेरोनॉस का कारोबार अब भी जारी है। लेकिन बीते साल अक्टूबर में वाल स्ट्रीट जरनल की एक रिपोर्ट के बाद से जांच के घेरे में है। इस रिपोर्ट में कंपनी की टेस्टिंग की सटीकता को लेकर सवाल उठाए गए थे। हालांकि होम्स ने इस रिपोर्ट का खंडन किया था और बिना पहचान वाले सूत्रों की विश्वसनीयता के बारे में पूछा था। साथ ही रिपोर्ट को झूठा और भ्रामक करार दिया था। वहीं वाल स्ट्रीट जरनल ने कहा था कि वो अपनी रिपोर्ट पर कायम है।

कौन हैं एलिज़ाबेथ होम्स?

एलिज़ाबेथ होम्स होम्स ने कॉलेज की पढाई के लिए जो रकम बचा रखी थी, उससे थेरानॉस की कंपनी बनाई थी। होम्स की कंपनी का आइडिया ऐसे लोगों को जिन्हें डॉक्टर के इंजेक्शन से डर लगता था, उन्हें दर्दरहित टेस्टिंग उपलब्ध कराना था। इसके अलावा अमेरिका में बढ़ती मेडिकल कीमतों से लोगों को निजात दिलाने के लिए उन्होंने सस्ते ब्लड टेस्ट की पद्धति शुरू की। 

थेरानॉस का दावा है कि आमतौर पर ब्लड टेस्ट के लिए जितना रक्त लिया जाता है, वह उसके 100वें हिस्से के बराबर ही रक्त लेती है। कंपनी का यह भी दावा है कि एक ही सैंपल से करीब 30 टेस्ट किए जा सकते हैं। एलिज़ाबेथ होम्स ने कुछ समय पहले भारत में भी कारोबार शुरू करने का इरादा जताया था।