राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार जीतने वाले इन बच्चों को पीएम मोदी करेंगे सम्मानित

नई दिल्ली ( 17 जनवरी ): इस बार राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार के लिए 25 बच्चे देशभर से चुने गए हैं। इनमें 12 लड़कियां और 13 लड़के शामिल हैं। इंडियन काउन्सिल फॉर चाइल्ड वेलफेयर की ओर से चुना गया है। इस बार का गीता चोपड़ा पुरस्कार 18 साल की तेजस्विता प्रधान और 17 साल की शिवानी गोंद को दिया जाएगा, जबकि संजय चोपड़ा अवार्ड सुमित मामगिन को मिलेगा। इन सभी बहादुर बच्चों को 23 जनवरी को देश के प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी वीरता पुरस्कार देंगे। 25 बच्चों में से चार बच्चों को मरणोपरांत वीरता पुरस्कार दिया जा रहा है।

- दिल्ली से दो बहन-भाई अक्षिता शर्मा और अक्षत शर्मा को घर में आए चोरों को पकड़ने पर बहादुरी दिखाने के लिए। उत्तर प्रदेश से 14 साल 8 महीने की अंशिका पाण्डेय को साइकिल से स्कूल जाने के दौरान 2 अजनबी लोगों द्वारा गाड़ी में खींचने और तेजाब फेंकने की कोशिश को नाकाम करने के लिए। दिल्ली के नमन को 12 फुट गहरी नहर में कूदकर एक बच्चे की जान बचाने के लिए।- उत्तराखंड के सुमित मनगई को जंगली जानवर गुलदार से जूझने के लिए।

उड़ीसा के मोहन शेट्टी अपने पिता के साथ हैं, शेट्टी ने अपने दोस्त को नदीं में डूबने से बचाया था।

पायल की जान दो बच्चों को डूबने से बचाने में चली गई थी। उनकी फोटो उनके भाई ने लिया है।

अक्षिता शर्मा और अक्षत शर्मा ने घर में आए चोरों को पकड़ा था। फोटो में अपने माता-पिता के साथ हैं।

छत्तीसगढ़ की 8 वर्षीय नीलम ध्रुव ने अपने गांव में तालाब में डूब रहे बच्चे को बचाया था।

इन सभी लोगों ने राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार जीता है, फोटो के लिए पोज दे रहे हैं।

मणिपुर के एम. सदानंदा सिंह ने मां को घर में करंट की चपेट में आने से बचाया था।

2016 राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं के माता पिता और परिवार के लोग।

अरुणाचल प्रदेश की तार पीजू (8) ने दो सहेलियों को डूबने से बचा लिया, पर खुद नदी की तेज धारा में बह गई। बच्ची को मरणोपरांत सम्मान दिया गया।

2016 राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार जीतने वालों की ग्रुप फोटो।