योगी आदित्यनाथ ने कैराना पर दिया विवादित बयान, बोले...

नई दिल्ली (19 जून): नेताओं के दौरों की बरसात के बाद भी कैराना का मामला ठंडा नहीं पड़ रहा है। हर दिन नये आरोपों के साथ नेता इस मुद्दे को हवा देने में लगे हैं। अब बीजेपी के सांसद योगी आदित्यनाथ ने कैराना पर विवादित बयान दिया है। कहा है कि कैराना में वो हुआ जो बांग्लादेश और पाकिस्तान में हुआ।

कैराना में सुलगाई गई सियासत की चिंगारी अब शोले में तब्दील हो गई है। सभी पार्टियां इस मुद्दे पर सियासी रोटी सेकने से बाज नहीं आ रहीं हैं। कैराना के बहाने अब कैराना के लोग नहीं बल्कि इसपर हो रही सियासत की गर्माहट पूरे यूपी में फैल गई है। बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ ने तो बाजाप्ता कैराना को कश्मीर घोषित कर दिया है।

सियासत के चक्रव्यूह में कैराना खामोशी से तमाशा देख रहा है। कैराना को अपराधियों के आतंक से मुक्त कराने के नाम पर पार्टियों के डेलीगेशन के जाने की सिलसिला भी जारी है। प्रशासनिक जांच पर सियासत भारी पड़ चुकी है। बीजेपी और लेप्ट के बाद कांग्रेस की तीन सदस्यीय जांच टीम भी आज कैराना पहुंच रही है। इस टीम में कांग्रेस की जांच टीम, शामली से कांग्रेस विधायक पंकज मलिक, खुर्जा से कांग्रेस विधायक बंशी पहाड़िया, सहारनपुर से कांग्रेस विधायक प्रदीप चौधरी शामिल हैं। 

कांग्रेस की ये टीम दो दिनों के अदर अपनी रिपोर्ट कांग्रेस आलाकामान को सौंपेगी। इधर यूपी सरकार भी बीजेपी के चक्रव्यूह में पूरी तरह फंस चुकी है। असमंजस इस बात को लेकर है कि इस मुद्दे का हल एसपी निकाले तो कैसे , बीजेपी के हमले का काट ढूंढने के लिए एसपी ने भी संतो का सहारा लिया है। समाजवादी पार्टी संतो के पांच सदस्य़ीय टीम को जांच का जिम्मा सौंपा है। इस टीम में समाजवादी पार्टी की जांच टीम, स्वामी कल्याणदेव, आचार्य प्रमोद कृष्णम, नारायण गिरि, स्वामी चिन्मयानंद और हिंदू महासभा के अध्यक्ष चक्रपाणि शामिल हैं।

ये टीम कैराना से हिंदुओं के पलायन की असली वजह को खंगालेगी और अपनी रिपोर्ट यूपी सरकार को सौंपेंगी। लेकिन अहम सवाल ये है कि क्या इन जांच टीमों और रिपोर्ट के बाद मामला शांत पड़ जाएगा।