'शरई कानून वाले देश में चले जाएं शरीयत की वकालत करने वाले'

नई दिल्ली (17 अप्रैल): हमेशा ही अपने तीखे और विवादित बयानों के लिये चर्चा में रहने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर से कुछ ऐसा ही बयान दिया है। आदित्यनाथ ने शरई कानूनों में अदालतों के जरिये दखलंदाजी पर आपत्ति दर्ज कराने वाले ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आपत्ति करने वालों को शरीयत कानून से चलने वाले देश चले जाना चाहिये।

रिपोर्ट के मुताबिक, आदित्यनाथ ने बलिया में संवाददाताओं से कहा, "बोर्ड ने शरई कानून में दखलंदाजी का आरोप लगाया है, मगर भारत शरीयत से नहीं चलेगा। यह देश एक संविधान और विधान से चलेगा। शरई कानून में हस्तक्षेप ना करने की मांग उठाने वाले लोगों को ऐसे मुल्क चले जाना चाहिये जहां यह कानून लागू हो।"

उन्होंने कहा कि अदालतों के जरिये शरीयत में हस्तक्षेप के आरोप वाला बोर्ड का बयान दरअसल न्यायालय की अवमानना के दायरे में आता है। मालूम हो कि ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने शनिवार को आरोप लगाया था कि अदालतों के जरिये मुस्लिम पर्सनल लॉ में हस्तक्षेप किया जा रहा है। साथ ही वह केन्द्र से अपील करता है कि शरई कानून का अस्तित्व बनाये रखने के पिछली सरकारों के रुख पर कायम रहा जाए।

बोर्ड के सदस्य जफरयाब जीलानी ने बोर्ड की कार्यकारिणी समिति की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि अदालतों के जरिये पर्सनल ला में दखलंदाजी की जा रही है। उच्चतम न्यायालय में हाल में तलाक के एक मामले समेत कई प्रकरण आये हैं।