कांग्रेस ने अमित शाह को जेल भेजने का षडयंत्र रचा था: योगी आदित्यनाथ

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली (2 जनवरी): सोहराबुद्दीन मामले में सीबीआई की विशेष अदालत का फैसला आने के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्वागत करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला। योगी ने कहा कि कांग्रेस ने आतंकवादी की पैरवी करते हुए लॉबिंग कर अमित शाह को जेल भेजने का षडयंत्र किया था।  योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'कांग्रेस के षडयंत्र और समाज-राष्ट्र विरोधी गतिविधियों का भंडाफोड़ एक-एक करके हो रहा है। कोर्ट के फैसले के जरिए लगातार देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ का कांग्रेस का षडयंत्र बेनकाब हो रहा है। कांग्रेस ने मनगढ़ंत और राजनीतिक षडयंत्रों के तहत अमित शाह जी को फंसाने का प्रयास किया, यह स‍ीबीआई की स्‍पेशल कोर्ट के फैसले से स्‍पष्‍ट हो गया है।'

उन्होंने आगे कहा, सीबीआई की स्‍पेशल कोर्ट ने गुजरात के सोहराबुद्दीन इनकाउंटर केस में अमित शाह जी को आरोप मुक्‍त कर दिया है। कांग्रेस को एक बार फिर अपने इस कृत्य के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी के करीबी हर्ष मन्दर तत्कालीन कांग्रेस सरकार के शेडो कैबिनेट के हिस्सा थे। जिनका दागदार इतिहास राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ का रहा है। कांग्रेस ने जैसे 1975 में आपातकाल लगा संविधान को कुचला था वैसे ही काला व शर्मनाक अध्याय बाद में भी कांग्रेस के साथ जुड़ा। योगी ने कहा, 'राहुल गांधी देश के सामने इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करें। एक ओर वे 1984 के जनसंहार के दोषियों को प्रश्रय दे रहे हैं और दूसरी ओर वे आतंकवादियों के पैरवी करने वालों को अपने शैडो कैबिनेट में रखे थे।'

योगी आदित्यनाथ ने कहा, 'कांग्रेस एक आतंकवादी के हितों के लिए लड़ रही है जो देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहा था। कांग्रेस ने आतंकवादी की पैरवी करते हुए लॉबिंग कर अमित शाह को जेल भेजने का षडयंत्र किया। जबकि अमित शाह ने खुद इसकी निष्पक्ष विवेचना का अनुरोध किया। पहले हाई कोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट और अब सीबीआई स्पेशल कोर्ट के फैसले से यह साफ है कि देश के उभरते महानुभावों के खिलाफ कितना घटिया और शर्मनाक षडयंत्र किया।'

बता दें कि सोहराबुद्दीन शेख और उसके सहयोगी तुलसी राम प्रजापति के कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में सभी 22 आरोपियों को हाल में बरी करने वाली विशेष सीबीआई अदालत ने अपने विस्तृत फैसले में कहा कि जांच एजेंसी हत्याओं की मंशा बताने में नाकाम रही। विशेष सीबीआई न्यायाधीश एस जे शर्मा का 358 पृष्ठ का फैसला सोमवार को उपलब्ध कराया गया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपने मामले को तार्किक संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। अदालत ने 2010 में सीबीआई के मुख्य जांच अधिकारी रहे और सोहराबुद्दीन तथा कौसर बी की हत्याओं की जांच करने वाले अमिताभ ठाकुर की गवाही का भी हवाला दिया।

न्यायाधीश ने कहा कि एक तरफ ठाकुर ने आरोप पत्र में आरोप लगाया कि कुछ वरिष्ठ अधिकारियों और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जैसे नेताओं को हत्याओं से ‘राजनीतिक व मौद्रिक’ लाभ हुआ, लेकिन अदालत में उनसे पूछताछ में उन्होंने कहा कि उनके पास यह साबित करने के कोई साक्ष्य नहीं हैं कि सुनवाई का सामना कर रहे आरोपियों को इस तरह का लाभ हुआ।