बिल्डर राज के खिलाफ न्यूज 24 की मुहिम

सैय्यदा अफीफा, नोएडा (17 अप्रैल): दिल्ली-एनसीआर में बिल्डरों की मनमानी की हद हो चुकी है। उंची इमारतों में छोटे से आशियाने का सपना देखने वालों पर दोहरी मार है। एक ओर प्रोजेक्ट तैयार नहीं हैं तो दूसरी ओर घर खरीददार ईएमआई और किराया दोनों देने को मजबूर हैं।


दिल्ली एनसीआर में भोले-भाले खरीददार बिल्डरों के जाल में ऐसे फंसे की अब उनकी जिंदगी भर की कमाई दांव पर है। आशीयाने के सपने को पूरा करने के चक्कर में जेब खाली करने वाले बेचैन हैं। नोएडा में जेपी बिल्डर से परेशान ग्राहकों ने सेक्टर 128 में बिल्डर के दफ्तर को ही अपना ठिकाना बना लिया। औरतें, बच्चे और बूढ़ों समेत तकरीबन सैकड़ों लोगों का कहना था कि जब तक जेपी बिल्डर उनके रूपये नहीं लौटा देते तब तक वे लोग दफ्तर से बाहर नहीं निकलेंगे।


कई लोगों ने बिल्डर की मनमानी के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। दिल्ली-एनसीआर में बिल्डरों की मनमानी से परेशान लोगों की लिस्ट काफी लंबी है। नोएडा के सेक्टर-71 में रहने वाले अमन कपूर के पिता संजय कपूर ने प्रधान मंत्री आवास योजना आने के बाद अपने घर का सपना देखा था। साल 2015 में नोएडा एक्सटेंशन के आम्रपाली आदर्श योजना में इन्होंने घर बुक कराया था, लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी इस प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं हुआ।


अब संजय कपूर को लगता है कि उनकी गाढ़ी कमाई का पैसा फंस गया है, उपर से बैंक से किश्तों के नोटिस ने परेशान कर रखा है। जिस प्रोजेक्ट की नींव तक नहीं रखी गई, उसके लिए ईएमआई की टेंशन घर खरीददारों के लिए किसी टॉर्चर से कम नहीं है। साफ है कि बिल्डरों की मनमानी से सारी हदें पार कर रखी है। कहीं पैसे वसूलने के बाद भी प्रोजेक्ट का काम शुरू नहीं हुआ तो कहीं आधे अधूरे प्रोजेक्ट खरीददारों के धैर्य का इम्तेहान ले रहे हैं।


लेकिन इस मनमानी के खिलाफ न्यूज 24 की मुहिम गाढ़ी कमाई को दांव पर लगाने वाले घर खरीददारों की हर मुश्किलों को सामने लाती रहेगी।