बुलंदशहर हिंसा: सदमे में शहीद इंस्पेक्टर का परिवार, सीएम योगी ने 50 लाख की मदद और नौकरी का किया ऐलान

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (4 दिसंबर): यूपी के बुलंदशहर हिंसा में मारे गए इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की पत्नी को योगी सरकार मुआवजे के तौर पर 40 लाख रुपये देगी। 10 लाख रुपये उनके माता-पिता को दिया जाएगा। इसके अलावा एक परिजन को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। 

इधर उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। वहीं  2 डॉक्टरों के पैनल ने उनका पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के दौरान उनके सिर में 32mm की गोली मिली। इसके अलावा उनके सिर, कमर, घुटना समेत शरीर के कई जगहों पर डंडों से चोट के निशान भी मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने सुबोध कुमार की सरकारी पिस्टल और 3 मोबाइल फोन लूट ली।

आपको बता दें, इंस्पेक्टर सुबोध कुमार अखलाक हत्याकांड के इंवेस्टिगेशन ऑफिसर भी रह चुके थे। जब वे जारजा थाना प्रभारी थे तब उन्होंने अखलाक हत्याकांड की दो महीने तक जांच की थी। बाद में उनका ट्रांसफर हो गया था। उस दौरान ग्रेटर नोएडा कोर्ट ने जारचा थाने को आदेश दिया था कि पहले वह मामला दर्ज करके जांच रिपोर्ट अदालत में जमा कराएं। वे इस मामले में 28 सितंबर 2015 से 9 नवंबर 2015 तक इंवेस्टिगेशन ऑफिसर थे। मार्च 2016 में दूसरे इंवेस्टिगेशन ऑफिसर ने चार्जशीट फाइल की थी।

प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच एडीजी इंटेलिजेंस को सौंपी है जो 48 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपेगी। इसके साथ ही मेरठ रेंज के महानिरीक्षक की अध्यक्षता में एक एसआईटी का भी गठन किया गया है। बुलंदशहर में हुई घटना में पांच पुलिसकर्मी और करीब आधा दर्जन आम लोगों को भी मामूली चोटें आई हैं। इस हिंसा में करीब 400 लोग शामिल थे जिन्होंने 15 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया।

एडीजी आनंद ने बताया कि इस संबंध में एक मामला गोकशी का दर्ज किया गया है जिसमें सात नामजद हैं, लेकिन अभी सुरक्षा की दृष्टि से इन लोगों के नाम नहीं बताये जा सकते हैं। उपद्रव के दौरान सुमित नाम के एक युवक की भी मौत इलाज के दौरान मेरठ के अस्पताल में हो गयी है। उसे गोली लगी थी। अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि उसकी मौत किसकी गोली से हुई है।