योगी का मंत्रियों को अल्टीमेटम, जल्द से जल्द दें संपत्त‍ि का ब्यौरा

अशोक तिवारी, लखनऊ (17 अप्रैल): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक चिठ्ठी चर्चा का विषय बन गई है, जिसमें योगी ने अपने मंत्रियों से अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने को कहा है। योगी ने अपने मंत्रियों को एक चिट्ठी लिखकर तीन दिन में चल-अचल संपत्ति का विवरण देने का एक अंतिम पत्र भेजा है।


मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने अपने सभी मंत्रियों को 15 दिन के अंदर चल-अचल संपत्ति का लेखा-जोखा देने को कहा था। बावजूद इसके अभी बहुत मंत्रियों ने अपना लेखा-जोखा नहीं दिया है। नाराज मुख्यमंत्री ने 13 अप्रैल को उन मंत्रियों को एक बार फिर से चिटठी भिजवाकर तीन दिन के अंदर चल संपत्ति का विवरण जमा करने को कहा है।


मंत्रियों से इन चीजों का विवरण जमा करने को कहा गया है...

- किसी कंपनी में उनकी साझेदारी है तो उसका विवरण देंगे।

- घर के सोना-चांदी का विवरण देना होगा।

- मंत्री बनने के पूर्व उसके व्यवसाय का विवरण साथ ही व्यवसाय से प्राप्त आमदनी का विवरण।

- मंत्रियों से यह भी पूछा गया है कि क्या राज्य सरकार मे किसी विभाग या विभाग के अधीन उनका कोई सगा संबंधी या वह खुद ठेका-पटटा या किसी प्रकार का माल सप्लाई तो नहीं करते। या करते थे तो उस से अपने आप को पृथक करें।


योगी की मंत्रियों को सलाह...

- कोई मंत्री सरकार की कोई संपत्ति खरीदने और बेचने से परहेज रखेगा।

- साथ ही वह ऐसा कोई व्यापार नहीं करेगा जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सरकार से संबंधित हो।

- मंत्रियों को किसी प्रयोजन में अंशदान या किसी प्रकार का कीमती उपहार नहीं लेने की सलाह दी गई है।

- मंत्रियों को इस बात को लेकर आगाह किया गया है कि वह थैली भेंट से बचे और अगर उपहार ले रहे है तो इस बात का संज्ञान जरूर रखे कि मिला हुआ उपहार ज्यादा महंगा का ना हो। नहीं तो वह उपहार शासकीय तोशाखाना में जमा कर दिया जाएगा।

- शासकीय दौरे पर यथासंभव अपने निजी आवास या सर्किट हाऊस में ठहरे।