योगी का आदेश: सरकारी टीचर नहीं चलाएंगे कोचिंग सेंटर, होगी FIR

नई दिल्ली (4 अप्रैल): जब से योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के सीएम पद की कुर्सी संभाली है, तभी से वह प्रदेश की कानून व्यवस्था के अलावा आम आदमी को देखते हुए एक के बाद एक बड़े फैसले लेने में लगे हुए है। इसी कड़ी में उन्होंने प्रदेश सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में साफ निर्देश दिए कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर कोई कोचिंग सेंटर ना चलाएं।


मुख्यमंत्री ने सरकारी शिक्षकों द्वारा कोचिंग चलाने पर सख्त रवैया अपनाते हुए कहा कि कोई भी सरकारी स्कूल या कॉलेज में पढ़ाने वाला टीचर ऐसा कोई सेंटर ना चलाए। इसी के साथ अगर कोई भी टीचर ऐसा करता हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।


वहीं योगी ने निजी स्कूलों/कॉलेजों द्वारा फीस के संबंध में की जा रही मनमानी वसूली पर रोक लगाने के लिए नियमावली बनाई जाए। इसी के साथ उन्होंने दागी केंद्रों को चिन्ह्ति कर उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा।


योगी ने दिए यह बड़े आदेश....

- राज्य की शिक्षा व्यवस्था में काफी सुधार की आवश्यकता है।

- शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए राज्य सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

- राज्य सरकार नकल करवाने वालों तथा ऐसे केंद्रों पर सख्त कार्रवाई करेगी।

- दागी केंद्रों को चिन्ह्ति कर उन्हें ब्लैक लिस्ट करने के साथ-साथ उनके खिलाफ एफआईआर होगी।

- प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का स्तर सुधारने के लिए नकल माफिया से निपटना आवश्यक है।

- मुख्यमंत्री ने सरकारी शिक्षकों द्वारा कोचिंग चलाने पर सख्त रवैया अपनाते हुए ऐसे शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।

- विद्यालयों में अधिकतम 200 दिन के अंदर कोर्स पूरा कराया जाए।

- सभी विद्यालयों में शिक्षकों तथा छात्रों की नियमित उपस्थिति बायोमीट्रिक्स के माध्यम से मॉनिटर की जाए।

- पाठ्यक्रम को समयबद्धता के साथ पूरा करने के उपरान्त समय से परीक्षा तथा उसका परिणाम सुनिश्चित किया जाए।

- राज्य स्तर पर एक समान पाठ्यक्रम लागू करते हुए सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों के सत्रों को नियमित किया जाए।

- शिक्षण संस्थाओं में शिक्षकों की कमी को दूर करने के निर्देश।

- निजी स्कूलों/कॉलेजों द्वारा फीस के संबंध में की जा रही मनमानी वसूली पर रोक लगाने के लिए नियमावली बनाने के भी निर्देश दिए।

- आईटीआई संस्थानों में पुराने ट्रेडों को समाप्त करके आधुनिक जरूरतों के अनुरूप नए ट्रेड शुरू करने के निर्देश।

- बंदी के स्थिति में पहुंचे प्राईवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों के संसाधनों का इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधि में होने से रोका जाए।