'महंत ज्ञान दास संत समाज के प्रतिनिधि नहीं, गाय प्लास्टिक सडक पर डालने वाले अपराधी'

नई दिल्ली (7 अगस्त): बीजेपी सांसद महंत योगी आदित्‍यनाथ ने अयोध्‍या मामले को केन्‍द्र में रखकर मुलायम सिंह यादव की तारीफ करने पर महंत ज्ञान दास को आडे हाथों लिया है। उन्‍होंने कहा कि महंत ज्ञान दास संत समाज के प्रतिनिधि नहीं हैं। राम जन्मभूमि आंदोलन का हमेशा विरोध किया है। 

आदित्यनाथ ने कहा, "अपने स्‍वार्थों के लिए वह हमेशा कभी कांग्रेस और कभी समाजवादी पार्टी के साथ रहे हैं। संत समाज भारत के विकास और सुरक्षा सहित राष्‍ट्रीय मुद्दों पर जो देश की जनभावनाओं का सम्‍मान करेगा उसके साथ हैं।" 

पीएम मोदी के गौरक्षकों को लेकर बयान का किया समर्थन

- आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के गोरक्षा के नाम पर कुछ लोगों के ढोंग करने वाले बयान का समर्थन किया है। - उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री की इस पीडा को समझना चाहिए। वास्‍तव में कुछ क्षेत्रों कुछ शरारती तत्‍वों के द्वारा पैदा किया गया उन्‍माद है और शक्ति के साथ इस प्रकार के तत्‍वों को रोकने की आवश्‍यकता है। - उन्होंने कहा, " गोरक्षा एक पवित्र कार्य है. लेकिन, गोरक्षा के नाम पर निरीह लोगों को मारना, मुझे लगता है कि यह एक अपराध है और उस अपराध में शामिल लोगों पर सख्‍त कार्रवाई होनी चाहिए।" - योगी आदित्यनाथ ने नसीहत देते हुए कहा, महत्‍वपूर्ण बात एक और भी है कि वास्‍तव में गोरक्षा अगर आप चाहते हैं तो प्‍लास्टिक का सेवन बंद करिए। ज्‍यादातर गाय प्‍लास्टिक खाने से मर रही हैं। एक गोपालक गाय का दूध तो लेते हैं और गाय को लावारिश छोड देते हैं वह स्‍वयं अपराधी हैं।

गायों के लिए प्लास्टिक फेंकने वालों को बताया अपराधी - उन्होंने कहा, "जो लोग प्‍लास्टिक को फेंक देते हैं वह स्‍वयं अपराधी हैं। दूसरा जो लोग प्‍लास्टिक में खाद्य पदार्थ डालकर छोड देते हैं वह और भी बडे अपराधी हैं। क्‍योंकि गाय उस प्‍लास्टिक को खाकर मरती हैं।" - प्रधानमंत्री की बात का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा, "पीएम का जो वक्‍तव्‍य हैं वह महत्‍वपूर्ण है और मुझे विश्‍वास है कि गोपालक भी और इस क्षेत्र में कार्य करने वाले लोग इससे प्रेरणा लेंगे।" -  इस सवाल कि तो क्‍या वजह है कि प्रधानमंत्री जी की बातों का हिन्‍दू महासभा के लोग क्‍यों डर रहे हैं, इस पर उन्‍होंने कहा कि हिन्‍दू महासभा नाम का कोई संगठन आज के दिन में नहीं है। - उन्होंने कहा क्‍या बयान आया है, इसकी मुझे जानकारी नहीं है। - मदरसे में मध्‍याह्न भोजन पर प्रतिबंध लगाए जाने पर उन्‍होंने कहा, "जो लोग लेना चाहते हैं वह ले रहे हैं। करोडों लोग मध्‍याह्न भोजन ले रहे हैं। कोई नहीं लेना चाहता है तो उनकी मर्जी है।"