रियो: सोने की उम्मीद बाकी, योगेश्वर का मुकाबला आज

नई दिल्ली(21 अगस्त): रियो ओलंपिक का आज आखिरी दिन है और 2 मेडल जीतने के बाद भारत की अब 1 गोल्ड जीतने की दावेदारी भी बाकी है। क्योंकि पदक के सबसे बड़े दावेदारों में से एक पहलवान योगेश्वर दत्त का मुकाबला समापन समारोह के दिन ही है। 

- अब सभी की निगाहें लंदन ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता पहलवान पर होगी कि क्या वो रियो में पदक का रंग बदल पाएंगे।  क्या आखिरी दिन खत्म होगा गोल्ड का इंतजार ?  क्या लंदन का कांस्य पदक रियो में सोने में बदलेगा ?

- देश की निगाहें अब रियो के आखिरी दंगल पर हैं। जी हां 125 करोड़ हिंदुस्तानी के लिए रियो में गोल्ड मेडल की आखिरी उम्मीद अभी बाकी है। ये उम्मीद उस पहलवान से है जो पहले भी ओलंपिक में भारतीय तिरंगा लहरा चुका है। 

- योगेश्वर ने लंदन ओलंपिक में 60 किलोग्राम फ्री स्टाइल में कांस्य पदक जीता था और रियो में वो 65 किलो ग्राम वर्ग में अपनी चुनौती पेश करेंगे।

- लंदन ओलंपिक के बाद योगेश्वर ने अपने नई वेट कैटेगरी में भी कमाल का प्रदर्शन किया और पिछले साल एशियन ओलंपिक क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में भी गोल्ड मेडल जीतकर रियो के लिए कोटा पक्का किया। 

- हर विवाद से दूर योगेश्वर का भी अब बस एक ही सपना है और वो है ओलंपिक का गोल्ड। इस पहलवान के इस सपने के साथ पूरा देश खड़ा है और दुआओं का दौर जारी है।  

- योगेश्वर रविवार शाम को मैट पर उतरेंगे और रात तक फैसला हो जाएगा कि 33 साल का हरियाणा का ये शेर क्या भारतीय कुश्ती इतिहास का सबसे बड़ा सुल्तान बनता है या नहीं।