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योगेंद्र यादव की कपिल मिश्रा को नसीहत, बंद करें रोज-रोज केजरीवाल पर आरोप लगाना

नई दिल्ली (22 मई): मंत्री पद से हटाए जाने के बाद से ही कपिल मिश्रा लगातार अरविंद केजरीवाल पर हमला कर रहे हैं। इसी कड़ी में आप के पूर्व नेता योगेंद्र यादव ने कपिल मिश्रा को नसीहत दी है। योगेंद्र यादव ने कपिल मिश्रा को एक खुला खत लिखा है। योगेंद्र यादव ने कपिल मिश्रा को ये खत उनके माफी मांगने के बाद लिखा है। 

आपको बता दें कि पिछले दिनों कपिल मिश्रा ने योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण से अपने उन बयानों के लिए मांगी थी जब योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को पार्टी ने बाहर निकाला गया था। इस समय कपिल मिश्रा ने उन्हें गद्दार करार दिया था। अब कपिल मिश्रा को खुद पार्टी ने बाहर कर दिया है तब उन्होंने  योगेंद्र यादव से माफी मांगी है। इस के बाद योगेंद्र यादव ने कपिल मिश्रा को यह खुला खत लिखा है। योगेंद्र यादव ने कपिल मिश्रा को सलाह दी है कि वो केजरीवाल के खिलाफ रोज-रोज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाना बंद करें और जो भी खुलासा करना हो वो एक साथ सारे खुलासे करें।

कपिल मिश्रा का योगेंद्र यादव का खत....

कपिल भाई,

कल प्रेस कांफ्रेंस में आपकी क्षमायाचना सुनी। मुझे लगा कि प्रशांत जी और मुझसे (और साथ में आनंद जी और अजीत भाई से) माफ़ी मांगने की बजाय उन हज़ारों वॉलंटियर, लाखों समर्थकों और करोड़ों देशवासियों से माफ़ी मांगनी चाहिए थी जिनके साथ धोखा हुआ है। मुझे अच्छा लगा कि आपने भी शाम तक मेरी इस बात का समर्थन किया। गलती कौन नहीं करता, लेकिन माफ़ी मांगने की हिम्मत हर कोई नहीं करता।

बहुत वक्त बीत गया है, फिर भी आपकी सार्वजनिक क्षमायाचना से कई दोस्तों के पुराने घाव भरने में मदद मिलेगी। जब हमें झूठे लांछन लगाकर पार्टी से निकाला गया उस वक्त (खासतौर पर केलिस्टा रिसोर्ट कांड में) आपकी और अपने कई साथियों की भूमिका देखकर मेरा इंसानियत से भरोसा हिल गया था। आपके विशेष अनुरोध पर मैं आपके चुनावक्षेत्र में कई बार प्रचार करने गया था। सोचिये मुझे कैसा लगा होगा जब आपके ही मुंह से गद्दारी का आरोप सुना? और आपका आदरणीय शांति भूषण जी पर हमला। अब भी याद कर सिहर उठता हूँ! आज आपने उस घटना के सच का इशारा तो किया, लेकिन कभी ठीक समझें तो उस काण्ड का पूरा सच देश के सामने रख दीजियेगा।

आज आपकी क्षमायाचना में मुझे उन कई पुराने साथियों की भी आवाज़ भी सुनी जो अपने किये पर शर्मिंदा महसूस करते हैं, चोरी-छुपे माफ़ी के सन्देश भेजते रहे हैं, लेकिन खुलकर बोल नहीं पाते। उसे सुनकर मेरे भीतर अगर कोई कड़वाहट बची थी तो वो धुल गयी।

वैसे आप राजनीति में मुझसे बहुत होशियार हैं, लेकिन अगर अन्यथा न लें तो एक सुझाव दूँ? ये रोज-रोज अरविन्द केजरीवाल के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस करनी बंद कर दीजिये।  मैं नहीं कहता कि आपके सारे आरोप गलत हैं। कुछ आरोप वजनदार हैं, हालांकि बाकी का अभी कोई प्रमाण नहीं है। लेकिन दिन-रात आरोपों की झड़ी सुनने से आम आदमी पार्टी तो साफ़ नहीं होगी, ईमानदार राजनीति में जनता की जितनी भी आस्था बची है वो जरूर साफ़ हो जाएगी। यूं भी अगर ये सब आपको पता था तो आप पिछले दो साल से वहां क्या कर रहे थे? आज आपको प्रायश्चित शोभा देता है, प्रतिशोध नहीं।

कपिल भाई, नकारात्मकता की राजनीति न देश के हित में है, न ही आपके हित में। पिछले दो साल से मैंने अपना अधिकांश समय गाँव-खेती-किसान के सवाल पर लगाया है। मेरा यकीन मानिये, आम आदमी पार्टी के नेताओं के कुकर्म इस देश की सबसे बड़ी समस्या नहीं है। जैसा फैज़ ने कहा था "और भी दुःख हैं ज़माने में ... "

शुभकामनाओं सहित,

आपका अग्रज

योगेंद्र यादव


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