योगेंद्र यादव ने केजरीवाल को लिखा खत, 'रामलीला मैदान' का वो वचन याद दिलाया

नई दिल्ली (22 अप्रैल): तकरीबन दो साल बाद और एमसीडी चुनाव के ठीक एक दिन पहले योगेन्द्र यादव ने अरविंद केजरीवाल को चिट्ठी लिखा है। योगेन्द्र यादव ने चिट्ठी में केजरीवाल को अन्ना आंदोलन के दौरान रिकॉल को लेकर कही उनकी बातों को उन्हें याद दिलाया है। योगेंद्र यादव ने केजरीवाल पर ट्वीट कर लिखा है, '2 साल में अरविंद को मेरा पहला पत्र। अगर एमसीडी चुनाव में आपकी पार्टी हारती है तो 'रिकॉल' के सिद्धांत के अनुसार इस्‍तीफा दें और दोबारा जनमत लें।'


यादव ने अपने इस पत्र में लिखा है, 'दो साल पहले दिल्‍ली ने जो ऐजिहासिक जनादेश दिया था, वो किसी एक नेता या पार्टी का करिश्‍मा नहीं था। उसके पीछे हजारों वोलंटीयरों का त्‍याग और तपस्‍या थी। लेकिन इस करिश्‍मे का सबसे बड़ा कारण था दिल्‍ली की जनता का आत्‍मबल। जनलोकपाल आंदोलन ने दिल्‍ली के लाखों नागरिकों को यह भरोसा दिलाया कि वो बेचारे नहीं हैं। वो नेताओं, पार्टियों और सरकारों से ज्‍यादा ताकतवर हैं। आज मैं उस आत्‍मबल को डगमगाते हुए देख रहा हूं। इसलिए पिछले दो सालों में पहली बार आपसे संवाद कर रहा हूं और आपको रामलीला मैदान में किए रिकॉल के वादे की याद दिला रहा हूं।'


यादव ने आप के सर्वे पर पानी फेरते हुए यह भी कहा है कि आप के बहुत से वोटर, जिन्‍होंने 2015 में एतिहासिक बहुमत दिया था, वह बीजेपी की तरफ जा रहे हैं। अपने इस पत्र में यादव ने एमसीडी में वर्तमान में सत्‍ता का सुख ले रही बीजेपी को 'निकम्‍मी और भ्रष्‍ट' सरकार करार दिया है। यादव ने लिखा, 'मैं पिछले महीने भर से सोच रहा हूं कि इस निकम्‍मी और भ्रष्‍ट सरकार को चलाने वाली बीजेपी को एमसीडी चुनाव में खड़े होने का मौका देने के लिए कौन जिम्‍मेदार है।' उन्‍होंने लिखा, 'दिल्‍ली की इस दुर्घटना के लिए व्‍यक्तिगत रूप से आप जिम्‍मेदार हैं। आपने दिल्‍ली की जनता का विश्‍वास तोड़ा है।'


योगेंद्र यादव ने साफ कर दिया है कि उन्‍हें नहीं लगता कि जनता इस बार 'आप' को चुनने वाली है। उन्‍होंने आखिर में अपने पत्र में लिखा है, 'मेरा एक प्रस्‍ताव है। अगर आपको इस चुनाव में तीनों एमसीडी में कुल मिलाकर बहुमत (यानी सिर्फ 137) आ जाता है तो मैं मान लूंगा कि मेरी समझ गलत है और दिल्‍ली की जनता आपको धोखेबाज नहीं मानती है।'  उन्‍होंने लिखा, 'ऐसे में अगर केंद्र सरकार आपकी सरकार के खिलाफ कोई षडयंत्र करती है तो हमारी पार्टी और मैं खुद आपका समर्थन करेंगे। लेकिन अगर 70 में से 67 सीटें जीतने के दो साल में ही आप इस जनमत संग्रह में हार जाते हैं तो नैतिकता की मांग है कि आप EVM 'रिकॉल' के सिद्धांत के अनुसार दोबारा जनता से विश्‍वास मत हासिल करें।'


आपको बता दें कि दिल्‍ली में हो रहे एमसीडी चुनावों में योगेंद्र यादव की यह पार्टी पहली बार अपनी किस्‍मत आजमा रही है। वहीं अरविंद केजरीवाल को दिल्‍ली की जनता ने प्रचंड बहुमत देकर दिल्‍ली की कुर्सी दी है। ऐसे में दिल्‍ली के इन नगरपालिका चुनावों में आम आदमी पार्टी की यही साख दाव पर लगी हुई है।